टॉप 10 गोल्डेन रूल शेयर मार्केट कैसे सीखे | how to learn share market in Hindi

शेयर मार्केट कैसे सीखे (how to learn share market in Hindi): शेयर मार्केट मै पैसा बनाना हर कोई चाहता है, लेकिन मार्केट के बारे मै जानकारी न होने की वजह से पैसा बनाया नहीं जाता, इस वजह से कुछ लोग पैड सर्विस जॉइन करते है, ऑनलाइन टीवी देखके, न्यूज़ पेपर पढ़के शेयर मार्केट मै निवेश करते है। 

तो कुछ लोग अपना पैसा म्यूचुअल फ़ंड मै SIP के जरिये निवेश करते है। म्यूचुअल फ़ंड मै SIP करना ये कोई बुरी बात नहीं, ये एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। 

हम आपको 360 जानकारी इस साइट पर शेयर मार्केट के रेलटेड जानकारी देते रहते है। इसके पहिले आपको शेयर बाजार के नियम क्या है, और आज हम आपको शेयर मार्केट कैसे सीखा जाता है, इसके टॉप 10 गोल्डेन रूल बताने जा रहे है। 

जोकि हर कोई सामान्य नागरिक इसे पढ़के मार्केट मै निवेश कर सके। 

शेयर मार्केट कैसे सीखे

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शेयर मार्केट कैसे सीखे। (how to learn share market in Hindi)

शेयर मार्केट मै आप जितना सीखोगे उतना कम है, क्योंकि मार्केट मै नई – नई तकनीक आती है, उसे हमे फॉलो करके जानके अपनाना होता है। 

आज मार्केट मै नए इंडिकेटर आते है, क्योंकि अपने देखा होगा जो पुराने इंडिकेटर है, वो आजके टाइम काम नहीं करते, इस वजह से हम मार्केट मै लॉस बनाते है। 

हमने नीचे शेयर मार्केट कैसे सीखे इसके बारे मै टॉप 10 गोल्डेन रूल बताये है, ये रूल आप फॉलो करते है, तो शेयर मार्केट सीख सकते है। 

1. शेयर मार्केट की बेसिक जानकारी ले।

शेयर मार्केट को सीखने के लिए आपको शेयर मार्केट के बारे मै जानकारी होनी चाहिए, इसमे आप शेयर मार्केट क्या है, शेयर मार्केट कैसे काम करता है, शेयर बाजार मै कैसे कारोबार किया जाता है, इस सब के बारे मै आपको जानकारी होनी चाहिए।

शेयर मार्केट मै बेसिक जानकारी मै ये पता होना चाहिए।

शेयर मार्केट ब्रोकर क्या होता है।

ब्रोकर यानी की दलाल होता है। हम सीधे स्टॉक एक्स्चेंज पर जाके शेयर को खरीद और बेच नहीं सकते, ये हम ब्रोकर के जरिये करते है।

ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज पर रजिस्टर होना चाहिए, जैसे की हमारे देश मै दो स्टॉक एक्सचेंज मुख्य तौर पर काम करते है। NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज), BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज)। आज हमारे देश मै जीतने भी ब्रोकर (Groww, Zerodha, Angle One, Upstock, etc) है, ये ब्रोकर स्टॉक एक्स्चेंज पर रजिस्टर है।

ब्रोकर अपने कस्टमर को डिमेट और ट्रेडिंग अकाउंट प्रोवाइड करते है, जिस वजह से हम शेयर मार्केट मै स्टॉक की ऑर्डर देते है। हमको जो भी स्टॉक लेना है, ये हम ब्रोकर को बताते है, वो ब्रोकर ये ऑर्डर एक्स्चेंज के पास लेके जाता है, एक्स्चेंज ऑर्डर ब्रोकर को देता है, और ब्रोकर हमको वो ऑर्डर देता है।

ये जितना भी ट्रैनजिशन होता है, ये एक मिनट के अंदर होता है। ये सब ट्रांजिशन करने के लिए ब्रोकर हमसे फी लेता है, उसे हम ब्रोकरेज कहते है।

स्टॉक एक्सचेंज क्या है। 

स्टॉक यानी की शेयर और एक्सचेंज मतलब बदलना। स्टॉक एक्सचेंज ये एक ऑर्गेनाइजेशन है, जहा पर शेयर, बॉन्ड की खरीदी और विक्री दोनों होते है। स्टॉक एक्सचेंज SEBI के बनाए हुये नियम के तहत काम करता है।

भारत मै खूप सारे स्टॉक एक्सचेंज है, लेकिन मुख्य तौर पर NSE और BSE ये दो स्टॉक एक्सचेंज काम कर रहे है। स्टॉक एक्सचेंज पर सीधे हम जाके शेयर की खरीदी नहीं कर सकते, उनके लिए स्टॉक एक्सचेंज ने ब्रोकर को रखा है।

जब कोई कंपनी को पैसे की जरूरत होती है, तो कंपनी अपना आईपीओ लेके आती है, आईपीओ की लिस्टिंग स्टॉक एक्सचेंज पर होती है, और बाद मै इन्वैस्टर इसमे ब्रोकर के जरिये स्टॉक की खरीदी और विक्री दोनों करते है।

सेबी क्या है। 

सेबी यानी की सेक्यूरिटीस एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया इसकी स्थापना 1992 मै हुई थी, और इसका मुख्यालय मुंबई मै स्थित है।

भारत के बाजार मै पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए इसकी स्थापना की गई है, इसमे निवेशकों की सुरक्षा बनाए रखे, लोगो का स्टॉक मार्केट मै बरोसा बनाए रखे, धोखाधड़ी ना हो, इसलिए सेबी की स्थापना की है।

ट्रेडिंग अकाउंट क्या है। 

ट्रेडिंग अकाउंट की मदत से आप शेयर की खरीद और बिक्री दोनों कर सकते है, आप जिस ब्रोकर के पास अपना अकाउंट खुलवाते है, ये आपको ट्रेडिंग अकाउंट देता है।

ब्रोकर का एक डिजिटल प्लैटफ़ार्म रहता है, वह से आप शेयर की खरीदी और बिक्री कर सकते है, उसके साथ आप ब्रोकर को फोन करके भी शेयर की लेनदेन कर सकते है।

ट्रेडिंग अकाउंट कही प्रकार के रहते है।

  • इक्विटि ट्रेडिंग अकाउंट
  • डेरिवेटिव ट्रेडिंग अकाउंट
  • कमोडिटी ट्रेडिंग अकाउंट
  • मार्जिन ट्रेडिंग अकाउंट

डीमैट अकाउंट क्या है। 

डीमैट का फुल फॉर्म Dematerialized अकाउंट होता है। आप जीतने भी शेयर , बॉन्ड, ETF ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट से खरीदते है, ये सब डीमैट अकाउंट मे स्टोर किया जाता है।

डीमैट अकाउंट आपको NSDL और CDSL प्रदान करता है, ये दोनों संस्था सेबी रजिस्टर है। आपके शेयर , बॉन्ड, ETF ये दोनों संस्था मै स्टोर किए जाते है।

2. कंपनी के फंडामेंटल एनालिसिस के बारे मै सीखे।

फंडामेंटल यानी की कंपनी के बारे मै डीटेल financial जानकारी। फंडामेंटल एनालिसिस मै आप कंपनी क्या काम करती है, उसकी सालाना टर्नओवर कितना है, कंपनी का प्रॉफ़िट कितना है, कंपनी के ऊपर कर्जा कितना है, ये सब हमको फंडामेंटल एनालिसिस मै देखना होता है।

फंडामैंटल एनालिसिस मै आपको:

  • कंपनी के Quarterly रिजल्ट
  • प्रॉफ़िट अँड लॉस स्टेटमेंट
  • कंपनी की बैलेन्स शीट
  • कॅश फ्लो
  • इन्वेस्टोर्स: प्रोमोटर, DII, FII, गवर्नमेंट, पब्लिक
  • Ratio एनालिसिस

ये जीतने भी ऊपर बताया है, ये आपको फंडामैंटल एनालिसिस मै आपको देखना होता है। फंडामैंटल एनालिसिस के लिए आप www.screener.in इस साइट का इस्थमाल कर सकते है।

कंपनी की एनुअल रिपोर्ट कैसे पढ़ते है। 

हर कंपनी की एनुअल रिपोर्ट होती है, वह रिपोर्ट कंपनी की वैबसाइट पर हर साल अपलोड की जाती है। यह एनुअल रिपोर्ट कंपनी के auditor के ध्वारा बनाई जाती है।

एनुअल रिपोर्ट मै आपको ये देखना होता है। 

  • कंपनी के बारे मै जानकारी
  • डाइरेक्टर की रिपोर्ट
  • कंपनी की वित्तीय आकडे
  • नोटिस

प्रॉफ़िट और लॉस स्टेटमेंट 

प्रॉफ़िट अँड लॉस स्टेटमेंट मै आपको हर साल कंपनी का कितना सेल हुवा, कंपनी के खर्चा कितना था, कंपनी ने कर्जा कितना चुकाया ये सब देखना होता है।

प्रॉफ़िट अँड लॉस स्टेटमेंट मै आपको:

  • कंपनी की सेल्स की ग्रोथ के बारे मै पता चलता है।
  • कंपनी के खर्चे कितने हुये: इसमे आपको मटिरियल कोस्ट, स्टाफ की पेमेंट, Manufacturing कोस्ट, other खर्चे बताये जाते है।
  • प्रॉफ़िट कितना हुवा: इसमे आपको OPM (खर्चा निकालने के बात कितना प्रॉफ़िट बचा ये percentage मै रहता है), दूसरी जगह से इंकम, आपको इंटरेस्ट कितना मिला ये सब रहता है।
  • टैक्स देने के पहिले प्रॉफ़िट कितना था और टैक्स देने के बाद कितना प्रॉफ़िट रहा।

3. टेक्निकल एनालिसिस सीखे। 

टेक्निकल एनालिसिस ये एक ऐसी technic है जो हम कंपनी के पीछले चार्ट को देखके आने वाले दिन मै कंपनी का स्टॉक ऊपर या नीचे होने का अनुमान लगाते है।

वही टेक्निकल एनालिसिस के लिए हम चार्ट पैटर्न, वॉल्यूम, इंडिकेटर, प्राइस एक्शन को देखके स्टॉक का विश्लेषण करते है।

फंडामैंटल एनालिसिस से आप कंपनी कैसी है, ये पता लगा सकते है। लेकिन टेक्निकल एनालिसिस मै आपको स्टॉक को कब खरीदना है, और कब बेचना है, इसके बारे मै पता लगा सकते है।

कैंडल्स क्या है। 

कैंडल्स से ही चार्ट पैटर्न बनते है, और टेक्निकल एनालिसिस मै आपको कैंडल्स के बारे मै पता होना जरूरी है। कैंडल्स को हम टाइम के हिसाबसे देख सकते है।

कैंडल्स मै रेड कैंडल और ग्रीन कैंडल ये दो प्रकार की होती है। आप उसे 1 सेकंड से 30 सेकंड तक और 1 मिनट से 45 मिनट, 1 घंटे से 1 दिन या चाहे जीतने टाइम पर कैंडल को देख सकते है।

चार्ट पैटर्न क्या है। 

कैंडल्स को मिलके चार्ट पैटर्न बनते है, इससे हम मार्केट बुल्लिश है या बेरिश है ये पता लगा सकते है। चार्ट पैटर्न मै आपको डबल टॉप चार्ट, डबल बॉटम चार्ट, रेवेर्सल पैटर्न इस तरह चार्ट पैटर्न के टाइप रहते है।

वॉल्यूम क्या है। 

वॉल्यूम का मतलब किसी अवधी मै share मै कितने लोगो ने ट्रेडिंग की है। आप जिस तरह चार्ट पैटर्न के टाइम वाइज़ सेट करंगे वैसे आपको वॉल्यूम देखने को मिल सकता है।

वॉल्यूम हम टाइम जोने वाइज़ देख सकते है, 1 मिनट से 1 घंटे और 1 दिन से 1 हफ्ते तक।

वॉल्यूम से हमको share की कीमत का पता आने वाले टाइम लगा सकते है।

इंडिकेटर क्या है।

इंडिकेटर से हम share की कीमत ऊपर जाएगी या नीचे जाएगी इसे पता लगा सकते है। इंडिकेटर से हम स्टॉक मै कब खरीदना है और कब बेचना है, इसके बारे मै पता लगा सकते है।

इंडिकेटर मै आज के टाइम ज्यादा तर इस्थमाल होने वाले:

  • वॉल्यूम इंडिकेटर
  • मुविंग एव्रेज
  • ट्रेंड इंडिकेटर
  • RSI
  • MACD

4. यूट्यूब के जरिये सीखे।

यूट्यूब मै बहुत सारे ऐसे विडियो, चैनल है, जो आपको शेयर मार्केट के बारे मै अच्छी जानकारी देते है। और कुछ ऐसे भी विडियो है, जोकि आपका टाइम बर्बाद करने वाली है। 

यूट्यूब मै आप फंडामैंटल एनालिसिस, टेक्निकल एनालिसिस विडियो, शेयर मार्केट के बारे मै डीटेल मै बेसिक जानकारी जैसे विडियो आपको मिलेंगे। 

ये विडियो देखके आप शेयर मार्केट के बारे मै सीख सकते है। 

5. अच्छे कौर्सेस जॉइन करे। 

शेयर मार्केट मै खुच अच्छे भी कोर्स उपलब्ध है, जोकि शेयर मार्केट के बारे मै आपको पूरी जानकारी देते है। लेकिन उस कोर्स की फी आपको लाखो रुपए तक है, जोकि हर एक इसे affordable नहीं कर सकता। 

कुछ ऐसे भी कौर्स है, जो की advertise करके लोगो को बेचते रहते है, इन कोर्स से आप दूर रहिए। 

जो कौर्स अच्छे रहते है, इनको अपने कोर्स को advertise करने की जरूरत नहीं पड़ती, लोग अपने आप इनके कोर्स को जॉइन करते है। 

6. ऑनलाइन बूक पढे।

शेयर मार्केट के एक्सपेर्ट है, उन लोगो ने शेयर मार्केट के बारे मै, बहुत सारी बूक लिखी है, और मार्केट के बारे मै विस्तार से समजाया है। इन लोगो के बूक आप पढ़ सकते है। 

बूक आप ऑनलाइन या किसी बड़े स्टोर मै जाके खरीद सकते है। 

7. बड़े लोंगों के पोर्टफोलिओ देखे।

राकेश झुंझुंवला, राधाकिशन दमानी, रेखा झुनझुनवाला, आकाश भंसाली ऐसे लोगोने हजारो करोड़ के रुपए मार्केट मै निवेश किए हुये है। 

इन लोगो के पोर्टफोलिओ आप ऑनलाइन देखके कोनसे शेयर खरीद किए है इसके बारे मै आइडिया लगा सकते है। और अपना भी पोर्टफोलिओ उसी तरह बना सकते है। 

इनके पोर्टफोलिओ देखने के लिए आप मनी कंट्रोल, trendlyne.com ऐसे साइट पर जाके देख सकते है। 

8. ब्लॉग पढे।

आप ऑनलाइन शेयर मार्केट के बारे मै ब्लॉग पढ़के, शेयर मार्केट को सीख सकते है। ऑनलाइन इंटरनेट पर हजारो ब्लॉग शेयर मार्केट के बारे मै पब्लिश है। 

इन ब्लॉग को पढ़के आप शेयर मार्केट सीख सकते है। आपको ब्लॉग पढ़के शेयर मार्केट के बारे मै सीख जाते है, तो आपको लाखो रुपए कोर्स को जॉइन करने के बच जाएंगे। 

9. अच्छे ट्रेडर को फॉलो करे।

जो अच्छे ट्रैडर है, उनको आप फॉलो कर सकते है। अच्छे ट्रैडर जन पहचान का हो तो आप उनसे बात करके शेयर मार्केट के बारे मै जानकारी हासिल कर सकते है, वरना आप ऑनलाइन उनके पोर्टफोलिओ देखके भी समज सकते है।

बड़े लोगो के ऑनलाइन पोर्टफोलिओ कैसे देखा जाता है, ये हमने ऊपर बताया है। 

10. पेपर ट्रेडिंग करे। 

जब आप शेयर मार्केट के बारे मै सीख जाते है, और आप ट्रेडिंग सुरू करने से पहिले पेपर ट्रेडिंग करके भी अपना कॉन्फ़िडेंस पा सकते है। 

पेपर ट्रेडिंग आप ऑनलाइन गूगल स्प्रीडशीट से भी कर सकते है, उसमे लिव शेयर की कीमत कम ज्यादा होती रहती है। 

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