2023 मै नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें, मशीन, रो मटिरियल, खर्चा, लाभ

आप अपना घर बैठके बिज़नस करने का प्लान है, तो नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें, इसके बारे मै सोच सकते है। आज नोटबूक को हर कोई की जरूरत है, स्कूल मै जाने वाले बच्चे से बूढ़े आदमी तक हर कोई नोटबूक का इसका इस्थमाल करता है। 

ऑफिस मै, गवर्नमेंट के कार्यालय मै नोटबूक की जरूरत है, तो आने वाले दिन इसकी जरूरत कम होने वाली नहीं है। 

इसके पहिले हमने पेन बनाने का बिज़नस कैसे सुरू कर सकते है, इसके बारे मै हमने जाना है, पेन बनाने का बिज़नस आप 50 हजार से सुरू कर सकते है। 

वही आपको नोटबूक बनाने के लिए 6 लाख रुपए के आसपास का खर्चा लगता है। 

आज हम नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें, इसके लिए क्या लागत लगती है, नोटबूक बनाने के लिए मशीन, उसका रो मटिरियल, उसकी प्रक्रिया क्या है, ये सब के बारे मै हमने नीचे डीटेल मै जानकारी दी है। 

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

 

Table of Contents

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस क्यो सुरू करे। (why we start notebook copying business hindi)

नोटबूक ये एक ऐसी चीज है, उसे हर कोई इस्थमाल करता है, आप जहा पर चले जावो आपको नोटबूक लिखने के लिए आवश्यक है।

आज स्कूल और कॉलेज मै पढ़ाई करने वाले हर एक बच्चे को नोटबूक की जरूरत पड़ती है, स्कूल मै पढ़ाई करने वाला बच्चा पढ़ते टाइम लिखने के लिए, अपने नोट्स बनाने के लिए, होमवर्क करने के लिए नोटबूक का इस्थमाल कर रहा है। ये तो स्कूल की बात हो गई।

आज ऑफिस मै हर कोई अपना काम कम्प्युटर की मदत से करता है, लेकिन उनको भी अपने रजिस्टर को मैंटेन करने के लिए, स्टोर को अपने समान का हिसाब रखने के लिए, ऑफिस के एम्प्लोयी मीटिंग के लिए नोटबूक का उपयोग करते है।

सरकारी ऑफिस मै भी इसकी मांग ज्यादा है, वहा पर तो ज्यादा तर नोटबूक और रजिस्टर का इस्थमाल बड़े तौर पर किया ज्याता है।

जिस तरह पेन का इस्थमाल हर कोई कर सकता है, उसी तरह नोटबूक की जरूरत हर इंसान को है।

नोटबुक बिजनेस का मार्केट स्कोप क्या है। (what is the market scope of notebook business hindi)

नोटबूक का मार्केट का स्कोप के बारे मै जाने तो बहुत बढ़ा है, और हर कोई को इसकी जरूरत है।

  • स्कूल और कॉलेज मै पढ़ने वाले हर एक बच्चे को नोटबूक की जरूरत है।
  • ऑफिस मै काम करने वाले हर एक एम्प्लोयी को नोटबूक, डायरी लगती है।
  • गवर्नमेंट ऑफिस मै काम करने वालो को रजिस्टर मैंटेन करने के लिए, मीटिंग के लिए इसकी जरूरत है।
  • ट्रेनिंग सेंटर नोटबूक के बीना चल नहीं सकता।
  • हर एक टीचर, स्टाफ, ट्रेनर, मैनेजर से एमडी तर और सेक्युर्टी से हर एक कर्मचारी तक नोटबूक के बीना चल नहीं सकता।

नोटबूक का इतना स्कोप है की आप उसे जहा चाहे बेच सकते है, बस आपको एक अच्छा और क्वालिटी माल बनाना है, जो की आपका माल मार्केट मै दोबारा बीक सकते।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें। (How to start notebook copying business hindi)

हमने नोटबूक का मार्केट कितना बढ़ा है, और हम उसे किस हिसाबसे बेच सकते है, ये ऊपर जाना।

अब हम ये जान लेते है की नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें। नोटबूक बनाने के लिए हमको जगह, लाइट, पानी, कर्मचारी की जरूरत पड़ती है।

उसके बाद नोटबूक तो हात से बनने वाली नहीं है, इसके लिए हमको मशीन चाइए, ये मशीन कहा पर मिलेगी, इसकी कीमत क्या होगी ये भी हमको देखना होगा।

मशीन लिया और नोटबूक तुरंत नहीं बनेगी, तो हमको रो मटिरियल चाहिए। नोटबूक बनने के बाद उसे पैकिंग करके, मार्केट मै बेचना कैसे।

ये सब के बारे मै हम नीचे विस्तार से जान लेंगे।

नोटबुक का बिजनेस करने के लिए जगह (Place to do notebook business hindi)

नोटबूक बनाने के लिए जगत की बात की जाये तो तो, हमको नोटबूक बनाने के लिए 4 मशीन की जरूरत पड़ती है। इसके बाद हमको रो मटिरियल के लिए जगह चाहिए, जो बनाया हुवा माल उसे रखने के लिए ,पैकिंग करने के लिए।

नोटबूक बनाने वक्त घूमने के लिए, एक सेल्स ऑफिस, कामगार को बैठने के लिए, उनको रेस्ट करने के लिए, खाना खाने के लिए ये सबका ध्यान रखके हमको 2500-3000 sqft की जगह हमको नोटबुक की कॉपी बनाने का बिज़नस सुरू करने के लिए चाहिए

जगह ऐसी होनी चाहिए जिसमे हमे हवा, पानी, लाइट की कमी न हो, नोटबूक ये सीज़न के हिसाबसे चलने वाला बिज़नस है, तो हमको रिक्वाइरमेंट के नुसार दिन रात मै भी काम करना पड़ता है।

जो नोटबूक बनाने की मशीन आती है, ये सब लाइट मै चलनी वाली मशीन है, इसिलिए हमको लाइट हमेशा होनी चाहिए।

इस हिसाबसे हमको एक अच्छी जगह होनी चाहिए, जो की नोटबूक का बिज़नस आसानीसे कर सके।

नोटबुक बनाने के लिए मशीन और उनकी कीमत (Notebook making machine and their price in hindi)

नोटबूक बनाने के लिए आपको 4 मशीन की जरूरत पड़ती है, ये सब मशीन मैनुअल है, इसलिए इसको हैंडल करने के लिए आपको कामगार की जरूरत पड़ती है।

तो हम नीचे हर एक मशीन के बारे मै जान लेते है।

1. पिन उप मशीन  (Pin Up Machine)

आपको को पेपर के बंडल को पीन को लगाने के लिए पीन उप मशीन का इस्थमाल किया ज्याता है, ये मशीन लाइट पर चलती है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

2. एज स्क्वायर मशीन (Edge square machine)

एज स्क्वायर मशीन को हम स्टिचिंग मशीन भी बोलते है, जब पेपर को कवर लगाके फिक्स होने के बाद एज स्क्वायर मशीन से उसे ठीक से प्रैस करके अच्छा शेप मै लाया जाता है। इस मशीन एक घंटे मै 2 यूनिट की बिजली की खपत लेती है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

3. कटिंग मशीन (Cutting Machine)

नोटबूक को फ़ाइनल कटिंग करने के लिए कटिंग मशीन का इस्थमाल किया जाता है, कटिंग मचिंग का उपयोग करके हम नोटबूक के येजेस कटिंग करते है, एक पेग मै दो नोटबूक बनते है, तो उसे दो भागो मै कटिंग करने के लिए इसका इस्थमाल किया जाता है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

4. स्पाइरल मशीन (Spiral machine)

जब आपको स्पाइरल नोटबूक की रिक्वाइरमेंट हो तो इस मशीन को खरीद सकते है, जो स्पाइरल नोटबूक रहते है, उसे बनाने के लिए इस मशीन का इस्थमाल किया ज्याता है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

उपर जीतने भी मशीन के बारे मै, आपको बताया है ये सब मशीन आप ऑनलाइन से या जान पहचान से खरीद सकते है। इन सब मशीन की कीमत 6 लाख से सुरू होती है।

नोटबुक बनाने के लिए रो मटिरियल (Raw Material for making notebook in hindi)

मशीन को लाने के बाद आती है, रो मटेरियल की, तो हम जानते है की नोटबूक बनाने के लिए क्या रॉ मटेरियल लगता है।

1. कवर पेज (Cover Pege)

आपको नोटबूक बिज़नस का ब्रांड बनाना है, तो आप अपना कवर तयार करके छापने को दे सकते है, नही तो जो मार्केट मै नोटबूक के ब्रांड चल रहे है, वही कवर खरीद सकते है। कवर पेज बनाने के लिए आपको गत्ता की जरूरत पड़ती है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

2. गत्ता पेपर (Gatta Paper)

जिस पेपर पर हम लिखते है, उसे गत्ता पेपर बोलते है, ये पेपर आपको 55-60 रुपए प्रती किलो के हिसाबसे मार्केट मै मिल जाते है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

कवर की बात की जाये तो ये आपको 1 रुपए से मिलना सुरू होता है, और उसके बाद आपको गत्ता पेपर 55-60 रुपए प्रती किलो के हिसाबसे मिलना सुरू होता है।

नोटबुक बनाने की प्रक्रिया (Notebook making process in Hindi)

नोटबूक बनाने के लिए हमने किस प्रकार की मशीन की जरूरत होती है, इसके लिए रॉ मटेरियल क्या लगता है, इन सबके बारे मै ऊपर डीटेल मै जाना है, अभी हम ये जान लेते है की नोटबूक को किस तरह बनाया ज्याता है।

नोटबूक बनाने के लिए हमको कवर और पेपर की जरूरत होती है, हमको किस आकार की नोटबूक बनानी है, उसी के हिसाबसे कवर हमको मार्केट से मंगाना पड़ता है।

1. तो हमको पहिले किस आकार की नोटबूक बनानी है, वही कवर को लेना पड़ेगा। कवर के लेने के बाद हमारे पास जो पेपर पड़ा है उसे अच्छी तरह से कवर के आकार से फ़ोल्ड करे, जोकि बाद मै पेपर कम वेस्ट हो।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

2. पेपर को फ़ोल्ड करने के बाद उसे कवर मै डालके पीन उप मशीन से, उसे पीन लगाके फिक्स करना पड़ता है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

3. पेपर और कवर को अच्छी तरह पीन उप मशीन से पीन करने के बाद, उसे एज स्क्वायर मशीन के पास लेके जाता है, एज स्क्वायर मशीन हमने पेपर और कवर को पीन लगाया है, उसे प्रैस करके अच्छी तरह का शेप लाती है।

हमने जीतने भी नोटबूक को पीन लगाया है उसे एज स्क्वायर मशीन से प्रेस करके फ़ाइनल कटिंग के लिए तयार करना है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

4. उपर की पूरी प्रोसैस होने के बाद हमारा नोटबूक फ़ाइनल कटिंग के लिए आता है, कटिंग मशीन की मदत से हम नोटबूक के edge, उसको दो भागो मै कट करते है।

नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें

इस तरह हमारा कटिंग होने के बाद नोटबूक फ़ाइनल पैकिंग के लिए ज्याता है।

5. जिनको स्पाइरल नोटबूक की जरूरत है, वो ऊपर दी गई procedure को अपना सकते है, उनको बस पेपर और कवर को होल मारके स्पाइरल रिंग को फिक्स करना है।

नोटबुक की पैकिंग कैसे करें। 

नोटबूक को बनाने का पूरा प्रोसैस हमने जाना, उसके बाद उसकी मशीन, इसके लिए क्या रॉ मटेरियल लगता है, इन सबके बारे मै हमने उपर जान लिया है।

एक बार नोटबूक फ़ाइनल कटिंग होने के बाद हमको उसका पैकिंग करना पड़ता है, जिस प्रकार हमको मार्केट मै मांग है, उसी हिसाबसे हम उसे पैक कर के रख सकते है।

पैकिंग मै हम 5-5 और 10-10 के बंडल करके मार्केट मे बेचने के लिए भेज सकते है, नहीं तो एक डज़न या आदा डज़न के हिसाबसे ही उसे पैक कर सकते है।

नोटबुक को बेचने के लिए मार्केटिंग कहा करे। (Where to do marketing to sell notebooks in Hindi)

नोटबूक बनाने के बाद उसे मार्केट मै बेचा जाना चाहिए, नहीं तो 5-6 लाख निवेश किया हुवा रुपया किस काम का नहीं रहेगा।

नोटबूक को हम अपने शहर के स्टेशनरी दुकान मै, अपने प्रॉडक्ट को दिखाके बेच सकेटे है। उसके बाद जो बड़े होलसैलर रहते है उनको भी अपना माल बेच सकते है।

नोटबूक हर जहग बीकाने वाली है, उसे आप बड़े मार्ट होते है, उनसे आप होलसेल मै बेच सकते है।

उसके बाद स्कूल और कॉलेज अपना-अपना नोटबूक रखते है, उनसे बात करके आप बड़ी ऑर्डर ले सकते है, और उनके नाम के नोटबूक बनाके बेच सकते है।

आप अपनी खुद की नोटबूक की दुकान भी लगा सकते है, और होलसेल मै बेच सकते है।

नोटबुक बनाने के लिए कितना टाइम लगता है। 

नोटबूक को हम मैनुअल और ऑटोमैटिक के जरिये बना सकते है, आप जब मैनुअल नोटबूक बनाते है, तो आपको मशीन लगाने का खर्चा 6 लाख रुपया तक का आ सकता है। और ऑटोमैटिक मशीन का 20-25 लाख तक जा सकता है।

मैनुअल मशीन से आप दिन मै 4500-5000 तक के नोटबूक बना सकते है। यानी की आप एक घंटे मै 600 नोटबूक बना सकते है।

ये सब आपके जो भी कामगार है ये कितने ट्रेन है, उसी के आधार पर आप नोटबूक बना सकते है।

एक नोटबुक बनाने के लिए कितना खर्चा आता है। 

एक नोटबूक का आपको मटेरियल लेके कामगार का खर्चा, लाइट बील, पानी ये सब खर्चा पकड़के 10-12 रुपये तक ज्यादा है, और उस नोटबूक को आप होल सेल मै 13-15 रुपए तक बेच सकते है।

नोटबुक बनाने के लिए कितना खर्चा आता है। 

आपको नोटबूक को बनाने के लिए 4 मशीन की जरूरत पड़ती है,  4 मशीन खरीदने के लिए आपको 6 लाख से ऊपर पैसा लगता है, उसके बाद आपको रॉ मटेरियल का खर्चा, लाइट बील, पानी, कामगार का खर्चा ये सब आता है।

ये सब खर्चा पकड़के आपको एक नोटबूक बनाने का 10-12 रुपए खर्चा आता है, आप दिन मै 5000 नोटबूक बनाते है तो आपको 50,000 रुपया का खर्चा एक दिन मै आता है।

नोटबुक बनाने के बिजनेस से होने वाला लाभ या कमाई

आपको नोटबूक को बनाने के लिए 4 मशीन की जरूरत पड़ती है,  4 मशीन खरीदने के लिए आपको 6 लाख से ऊपर पैसा लगता है, उसके बाद आपको रॉ मटेरियल का खर्चा, लाइट बील, पानी, कामगार का खर्चा ये सब आता है।

ये सब खर्चा पकड़के आपको एक नोटबूक बनाने का 10-12 रुपए खर्चा आता है, आप दिन मै 5000 नोटबूक बनाते है तो आपको 50,000 रुपया का खर्चा एक दिन मै आता है।

हर एक नोटबूक के पीछे आपको 2 रुपए का लाभ सब खर्चा जाके पड़ता है, यानी की आप एक दिन मै 10 हजार रूपये तक का लाभ ले सकते है। यानी की आप हर महीने का नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस शुरू करके 3 लाख रुपए तक कमा सकते है। 

नोटबुक बनाने के बिजनेस के लिए लाइसेंस (License for notebook making business)

आप बीना लाइसेंस से अपना बिज़नस को सुरू नहीं कर सकते। नोटबुक की कॉपी बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए लाइसेंस आप उद्योग भवन से लेना पड़ता है। बाद मै आप उसे MSME के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करके, बिज़नस का लोन भी ले सकते है।

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