IPO: आईपीओ क्या होता है, आईपीओ कैसे खरीदें, फायदे और नुकसान

IPO: आईपीओ क्या होता है, आज के टाइम आईपीओ मै अप्लाई करके लिस्टिंग के बाद 30-50% तक का रिटर्न लोगो को ऐसे ही मिल रहे है। लेकिन कुछ लोगो को आईपीओ क्या है, आईपीओ कैसे खरीदे ये अभी तक पता नहीं है। 

आईपीओ यानी की इनिश्यल पब्लिक ऑफरिंग जो की कंपनी अपना बिज़नस को आगे बढ़ाने के लिए मार्केट से पैसे जुटाती है। 

तो नीचे हमने आईपीओ क्या होता है, आईपीओ कैसे खरीदें, आईपीओ मै नुकसान से बचने के लिए हमको क्या करना चाहिये, आईपीओ फायदे और नुकसान क्या है, ये सारे सवालो के जवाब हमने नीचे दिये है। 

आईपीओ क्या होता है

आईपीओ क्या होता है। (IPO kya hota hai hindi)

IPO यानी की इनिश्यल पब्लिक ऑफरिंग, जब कंपनी को अपना कारोबार चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है, तो ये कंपनी पहिली बार इन्वैस्टर से पैसे उठाती है, और इन्वैस्टर के बाद लास्ट मै कंपनी अपना हिस्सा पब्लिक को बेचती है, और उनसे पैसे को उठती है।

कंपनी पब्लिक से पैसे को उठाने के लिए स्टॉक मार्केट से आईपीओ को लेके आती है, और उसके बाद अपने शेयर स्टॉक मार्केट मै लिस्ट करवाती है। इसके बाद इन्वैस्टर इस शेयर को खरीद और बेच सकते है।

जो लोग आईपीओ को खरीदते है, ये लोग कंपनी मै अपना हिस्सा खरीदते है, उकने पास कुछ % तक का हिस्सा रहता है, जब कंपनी प्रॉफ़िट मै होगी तो उनको फायदा मिलता है, और लॉस मै होगी है तो उनको नुकसान होता है।

कंपनी अपने शेयर होल्डर को टाइम पे डिविडेंट भी देती है, जिससे निवेशक बने रहे।

आईपीओ कैसे खरीदें। (IPO kaise kharide hindi)

आईपीओ खरीदने के लिए आपके पास डिमेट और ट्रेडिंग अकाउंट होने की जरूरत है, इससे आप आईपीओ के लिए अप्लाई कर सकते है।

आपको मार्केट मै खूप सारे ब्रोकर है जो SEBI रजिस्टर है, ये आपको डिमेट अकाउंट फ्री मै देते है।

आपको इनवेस्टमेंट के लिए डिमेट अकाउंट चाहिए तो आप Groww से खुलवा सकते है, इसमे आपको इक्विटि, डेरिवेटिव, म्यूचुअल फ़ंड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, IPO ये सारे ऑप्शन फ्री मै मिलते है।

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डिमेट अकाउंट होने के बाद जिस भी कंपनी का आईपीओ ओपेन हो रहा है, उसमे आप अप्लाई कर सकते है, आपको आईपीओ को अप्लाई करने के लिए डिमेट अकाउंट मै पैसे को एड़ करने की जरूरत नहीं, यूपीआई से आप अपने पैसे को ब्लॉक करावा सकते है।

आईपीओ के अप्लाई करने के बाद आपको 5 दिन मै पता चलेगा, आपको मिला है या नहीं। आईपीओ मिला होगा तो आपके अकाउंट मै से पैसे कट जाएंगे नहीं तो आपका ब्लॉक हुवा अमौंट अनब्लॉक हो जायगा।

उसके बाद 5 दिन मै ये आईपीओ NSE और BSE पर लिस्ट हो जायगा।

कंपनी अपना IPO क्यों लेके आती है। 

कंपनी अपना IPO क्यों लेके आती है ये सवाल हर एक के मन मै रहा होगा।

अगर कंपनी के ऊपर कर्जा हो तो उसे कम करने के लिए कंपनी मार्केट से पैसे उठाने के लिए IPO को लेके आती है। दूसरी बात ये है की जब कंपनी को अपना बिज़नस को आगे बढ़ाना है तो ये कंपनी आईपीओ के जरिये पैसे उठाके बिज़नस को आगे बढ़ाती है।

आईपीओ मै Prospectus क्या होता है। 

जब कंपनी अपना आईपीओ को लेके आती है तो उसमे पूरे कंपनी के डीटेल रहते है, उसमे कंपनी कब सुरू हुई थी, उसका लास्ट तीन साल मै कितना प्रॉफ़िट रहा, कितना इंकम रहा।

उसके बाद कंपनी ये भी बताती है की, जो फ़ंड लोगो से ले रही है, ये किस काम के लिए इस्थमाल होंगे, मतलब कंपनी अपना कर्जा चुका येगी हा नये कामो के लिए पैसे को जूटा लेगी।

20 जून से हमा अग्रो इंडस्ट्रीज़ अपना आईपीओ लेके आ रही है, उसमे आपको आईपीओ की डेट, लिस्टिंग डेट, कंपनी कितने पैसे जुटा रही है। ये सब जानकारी दी गई है। 

आईपीओ क्या होता है हमा अग्रो इंडस्ट्रीज़ 480 कोरोड रूपये जुटायागी, उसमे 330 कोरोड कर्जा चुकाने, इन्वैस्टर को देने के लिए खर्चा करेगी और 150 कोरोड अपना बिज़नस का विस्तार करने के लिये इस्थमाल करने वाली है। 

आईपीओ मै कंपनी के शेयर नहीं बिकते है तो क्या होगा। 

जब कोई कंपनी अपना आईपीओ लेके आती है, और जब आईपीओ इन्वैस्टर के लिये खुलने के बाद उसके शेयर बीक नहीं जाते तो कंपनी अपना IPO को वापस ले सकती है।

ये उसपर डेपेंड रहता है की कितने % उनके शेयर बीके है।

आईपीओ के शेयर को ज्यादा मांग रही तो क्या होगा।

एक कंपनी ने अपने शेयर, मार्केट मै आईपीओ के जरिये 500 लेके आई, लेकिन कंपनी अच्छी होने की वजह से 1000 शेयर लोगो ने खरीदे तो उसी टाइम कंपनी SEBI के ध्वारा बनाये नियमो के तहत शेयर को allocate करती है।

यानी कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के जरिए आई हुई अर्जियों का चयन होता है।

आपकी कंपनी मै हिस्सेदारी होती है। 

जब अप कोई कंपनी का आईपीओ खरीदते है तो आपको उस कंपनी मै हिस्सेदारी मिलती है, आप उस कंपनी मै कुछ % तक का हिस्सा आपके नाम पर रहता है।

आईपीओ के फायदे (Benefits of IPO in Hindi)

आईपीओ यानी की इनिश्यल पब्लिक ऑफरिंग यानी की कंपनी अपना बिज़नस बढ़ाने के लिए या अपने ऊपर का कर्जा चुकाने के लिए मार्केट से पैसा उठाती है। तो हम आईओपी के क्या फायदे है, इसके बारे मै जान लेते है।

1. आईपीओ मै निवेश करने से आपको अच्छी कंपनी मै सुरवात के टाइम से ही निवेश करने का मौका मिलता है, उसके बाद कंपनी आने वाले दिन मै अच्छा प्रॉफ़िट बनायागी तो आपको फायदा मिलता है।

2. आईपीओ मै आप अप्लाई करते है तो आपको लिस्टिंग गैन मै फायदा मिल सकता है, इसके पहिले बहुत सारे कंपनीने अपना लिस्टिंग गैन मे ही डबल पैसा इन्वैस्टर को करके दिया है।

3. आप जब आईपीओ मै अप्लाई करते है तो आपको करीबन 15 हजार के आसपास एक लॉट को अप्लाई करने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है, मतलब आप कम पैसे मै अप्लाई कर सकते है।

4. आईपीओ मे अप्लाई करने के लिए आपको ज्यादा मार्केट रिसर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती, आप कंपनी के फंडामैंटल एनालिसिस को पढ़के अप्लाई कर सकते है।

5. आईपीओ लाने से पहिले कंपनी को पूरी बैलेन्स शीट सेबी को जमा करके के बाद आईपीओ को लाने की परवानगी मिलती है। इसलिए इसमे कोई भी फ्रॉड होने का चान्स नहीं रहता, इसमे पूरी तरह पारदर्शिता रहती है।

6. आईपीओ मै आपको लिस्टिंग गैन मै अच्छा रिटर्न मिल गया तो आपको कम समय मै अच्छा रिटर्न मिलता है।

आईपीओ के नुकसान (Disadvantages of IPO hindi)

आईपीओ मै आपको नुकसान हो सकता है, कंपनी अच्छा पेर्फ़ोर्म नहीं कर रही है, जिस टाइम आईपीओ आया है उस टाइम मार्केट डाउन हो गया तो आपको नुकसान भी हो सकता है।

1. आईपीओ मै आपको बाजार कंडिशन के हिसाब से फायदा और लॉस हो सकता है, मान लीजिये की आपने जिस टाइम आईपीओ को अप्लाई किया है, उस टाइम मार्केट ही हालत खराब है तो आपको आईपीओ के लिस्टिंग गैन मै नुकसान हो सकता है।

2. आप आईपीओ को अप्लाई करने से पहिले फंडामैंटल एनालिसिस अच्छी तरह से नहीं करंगे तो आपको लॉस हो सकता है, इसमे आपको कंपनी को प्रॉफ़िट कितना है, कंपनी के ऊपर कर्जा कितना है, कंपनी जो पैसा आईपीओ के तहत ले रही है ये पैसा किस के लिए इस्थमाल कर रही है, ये सब देखना पड़ता है।

3. आईपीओ के लिस्टिंग के बाद शेयर की liquidity कम होने की वजह से आप शेयर बेच नहीं सकते तो इससे इन्वैस्टर को नुकसान हो सकता है।

4. जिस कंपनी का आईपीओ ले रहे है, उसमे फ्युचर रिस्क का दोखा रहता है, ये रिस्क देखके आपने नहीं खरीदा तो आपको लॉस हो सकता है।

5. बड़े साइज़ के आईपीओ से खतरा होने का चान्स रहता है।

आईपीओ में लॉस से बचाने के लिए क्या करना चाहिए।

इसके पहिले बहुत सारे कंपनी के आईपीओ आये है जो इन्वैस्टर को नुकसान दिया है, इसमे LIC, paytm जैसे बड़े कंपनी के नाम शामिल है, ये कंपनी के शेयर आज तक जितना इशू प्राइस था वह तक कभी गये नहीं।

तो हम आज जानते है की आईपीओ के लॉस से बचाने के लिए हमको क्या करना चाहिए।

1. जिस भी कंपनी का आईपीओ आता है, तो ये कंपनी मार्केट से कितना पैसा जुटा रही है, ये देखना होगा। आज एलआईसी ने अपना आईपीओ करीबन 20 हजार करोड़ का लेके आई थी, कंपनी प्रॉफ़िट मै थी लेकिन इशू साइज़ बड़ा होने के वजह से इन्वैस्टर को आज तक लॉस मिला है।

2. आईपीओ आने के बाद कंपनी के फंडामैंटल एनालिसिस को अच्छे तरीकेसे जानना होगा, नीचे हमने कुछ पॉइंट दिये है, ये सब आपको देखना होगा

  • कंपनी का प्रॉफ़िट
  • कंपनी किस सैक्टर मै काम करती है, और आज के टाइम उस सैक्टर की क्या हालत है।
  • कंपनी के ऊपर कितना कर्जा है।
  • कंपनी के प्रोमोटोर के पास कितना हिस्सा है।
  • EPS (अर्निंग पर शेयर) कितना है।
  • कंपनी के प्रोमोटर के पास कितना अनुभव है, कंपनी चलाने का

3. आईपीओ आने के बाद उसका GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) देखके भी आप अंदाजा लगा सकते है की लिस्टिंग मै आपको कितना प्रॉफ़िट मिलने वाला है।

4. आईपीओ को अप्लाई करने से पहिले कंपनी का फ्युचर रिस्क Calculate करना चाहिए।

5. कंपनी के ऊपर कोई भी ऐसी केस चलनी नहीं चाहिये जो की कंपनी को नुकसान पोहचे। 

आईपीओ से कमाई कैसे होती है?

जब कोई कंपनी को अपना बिज़नस बढ़ाना हो, कोई कर्जा चुकाना हो, तो ये कंपनी आईपीओ के तहत मार्केट से पैसे को जुटाती है। 

आईपीओ मे आपको पैसे कमाने हो तो आपको एक अच्छी कंपनी का आईपीओ मै अप्लाई करना होगा, उस कंपनी का प्रॉफ़िट, उसपर कम कर्जा होना चाहिए, उसपर कोई भी ऐसा केस चलना नहीं चाहिये जो की बाद मै कंपनी को नुकसान पोहचे।

ऐसे कंपनी मै जब आप अप्लाई करते है तो आपको लिस्टिंग गैन 100% तक प्रॉफ़िट 10 दिन के भीतर होता है। उसके बाद कंपनी ने अच्छा ग्रोथ किया तो लॉन्ग टर्म मै भी आपको अच्छा प्रॉफ़िट देखने को मिलेगा। 

आईपीओ फुल फॉर्म इन हिंदी

आईपीओ का फुल्ल फॉर्म है इनिश्यल पब्लिक ऑफरिंग (IPO: Initial Public Offering)

IPO: आईपीओ क्या होता है।(What is IPO in Hindi)

ऊपर हमने IPO: आईपीओ क्या होता है, आईपीओ कैसे खरीदें इसके अलावा उसके फायदे और नुकसान, आईपीओ मै लॉस होने से कैसे बचा जा सकता है, इसके बारे मै विस्तार से जाना है। 

आपको इसमे और कुछ जानकारी चाहिये तो हमे commend मै बात कर सकते है। धन्यवाद !

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