ONDC: ओएनडीसी क्या है, कैसे काम करता है, इसके फायदे

आज आपको ऑनलाइन सामान खरीदन हो तो आप अमेज़न, फ्लिपकार्ट पर जाके खरीदते है, खाना मंगवाना है तो स्वीग्गी या ज़ोमटो, टॅक्सी बूक करना है तो ओला या उबर, ओर टिकिट बूक करना है तो पेटीएम, मेक माइ ट्रिप जैसे एप्लिकेशन या वैबसाइट का इस्थमाल हर कोई कर रहा है। 

इस सारे वैबसाइट पर आप जो भी सामान खरीदना चाहते है, तो आप इसकी कीमत दूसरे वैबसाइट पर जाके चेक कराते है, और उसके बाद जहा पे सस्ता मिल रहा है वहा से हम खरीदते है। 

जब आप सेल्लर है और आपका सामान बड़े साइट पर बेचना चाहते है, तो आप नए होने की वजह से आपका सामान ऊपर कस्टमर को दिखेगा ही नहीं, और उसके बाद सामान बेच भी दिया तो ये सारी वैबसाइट आपसे 25-30% तक का कमिशन ले लेगी है, इसकी वजह से सेल्लर को ये सामान कस्टमर को महंगे दाम पर बेचना पड़ता है। 

ये सब जीतने भी आपको परेशानिया जेलने को मिले है, इन सबका ONDC सोल्यूशंस लेके आया है, जिसकी वजह से कस्टमर और सेल्लर दोनों को फायदा पोहचा जा से। 

तो हमने इस आर्टिक्ल मै ओएनडीसी क्या है (ONDC kya hai ), ये कैसे कम करता है, इसके फायदे क्या है, इसके बारे मै नीचे पूरी जानकारी दी है। 

ओएनडीसी क्या है

ओएनडीसी क्या है। (ONDC kya hai)

ONDC : Open Network for Digital Commerce हे सरकार ध्वारा बनाया गया e-कॉमर्स प्लैटफ़ार्म है, जिसे 31 दिसम्बर 2022 को मिनिस्टरी ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्री के ध्वारा लॉंच किया है।

ओएनडीसी ये एक ऐसा प्लैटफ़ार्म है, जो आपको हर ऑनलाइन प्लैटफ़ार्म से जुड़ी हुई सुविधा देने का काम कर रहा है, इसमे आप ऑनलाइन सामान, खाने की चीजे, रेल्वे टिकिट, किसान अपना सामान इसपर बेच सकते है, ऐसे लाखो सामान आपको ओएनडीसी पर देखने को मिल सकते है। 

ओएनडीसी पर इस तरह की सुविधा देने की बात की है की, एक ही सामान आपको अलग-अलग सेल्लर से देखने को मिलेगा जिस वजह से कस्टमर उस सामान की क्वालिटी, उसकी कीमत, ये सब जांच करके ऑनलाइन मंगा सकता है। 

ओएनडीसी पर कमिशन के तौर पर सेल्लर से 5-10% तक लेने की बात की है, जिस वजह से आपको इसमे सामान सस्ता मिला सकता है।

सुरवात मै ओएनडीसी ने बंगलुरु, दिल्ली, शिलांग, भोपाल और कोयंबटूर ये 5 सिटि मै पायलट प्रोजेक्ट लॉंच किया था, इसके बाद ओएनडीसी ने लगबग 200 सिटि मै बीटा प्रोजेक्ट के रूप मै काम कर रहा है।

ओएनडीसी का अभी दो सिटि मै दिल्ली और बंगलुरु मै, बीटा प्रोजेक्ट के रूप मै काम चल रहा है। देश के 273 सिटि मै इसका अल्फा प्रोजेक्ट के तहत कम सुरू है।

आज के टाइम ओएनडीसी मै 49 नेटवर्क का हिस्सा है और 40 हजार के आसपास सेल्लर इससे जुड़े हुये है, ये सब डाटा आपको ONDC के वैबसाइट पर उपलब्ध है।

ओएनडीसी को अभी Quality Council of India और protean जो एनपीएस को भी चलता है ये दो कंपनी चला रही है।

ओएनडीसी की विशेषताएँ (ONDC ki Vaisistye)

1. सरकार का ओएनडीसी को बनाने का एक ही उद्देश है, की जो की इसका इस्थमाल हर कोई कर सके, देश का छोटा या बड़ा व्यापारी इसका उपयोग कर सके।

2. ओएनडीसी को ओपेन नेटवर्क प्रोटोकॉल का उपयोग करके विकसित किया है, यानी इसमे आपको हर तरह की सुविधा देखने को मिलेगी, ये प्लैटफ़ार्म कोई एक पर निर्भर नहीं है।

3. ओएनडीसी पर आप खाने की चीजे, e कॉमर्स समान, कपड़े, टॅक्सी जैसी और चीजे इसपर ऑर्डर कर सकते है, इसलिए इसका फायदा हर कोई ले सकता है।

4. आप इसमे कोई सामान खरीदने जायोगे तो आपको, एक ही समान कही सेल्लर से देखने को मिलेगा, आप अपनी पसंदीका सेल्लर को चुनके आसानीसे समान मंगा सकते है।

5. ओएनडीसी पर हर एक व्यापारी अपना डाटा सेव रख सकता है, जोकि क्रेडिट हिसटरि बनाए रख सके और अपने कस्टमर तक आसनीसे जा सके।

6. ओएनडीसी अमेज़न,फ्लिपकार्ट, ज़ोमटो, ओला जैसे कस्टमर को एक जगह लाने का काम कर रहा है, जो की एक ही जगह पर सेल्लर के बीच स्पर्था बनाए रह सके।

7. कस्टमर का डाटा सुरक्षित रखने के लिए ओएनडीसी साल 2000 के इन्फॉर्मेशन टेक्नालजी एक्ट के तहत काम करेगा।

8.  ओएनडीसी पर मौजूदा अप्प से कोंसुमर के लेन देन से जुड़ा डेटा शेहर करना अनिवार्य नहीं है।

9. ओएनडीसी पर किसी भी सेल्लर के पास कोंसुमर का डाटा नहीं रहता।

10. ओएनडीसी ये एक ऐसा प्लैटफ़ार्म है जो की न उनकी वैबसाइट हा, ना अप्प, ओएनडीसी आपको पेटीएम, मेशो, आईडीएफ़सी फ़र्स्ट बैंक, पिंकोड़, माइ स्टोर जैसे 49 वैबसाइट या अप्प के जरिये अपनी सर्विस देने का काम करता है।

ओएनडीसी की जरूरत क्यों पड़ी (ONDC ki Jarurat kyo Padee)

ओएनडीसी यानी की ओपेन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स जो की मिनिस्टरी ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्री के ध्वारा लॉंच किया है।

आज भारत मै खूप सारे ऑनलाइन प्लैटफ़ार्म उपलब्ध है, जो अपने अपने सैक्टर मै कस्टमर को एक अच्छी सुविधा देने की काम कर रहे है, इसमे जैसे की अमेज़न,फ्लिपकार्ट आपको ऑनलाइन A टु Z सामान आपने घर तक देने का काम करता है।

इसके बाद Zomato और Swiggy आपको फूट डेलीवेरी देने का काम करता है, आपको सिटि के अंदर टॅक्सी बूक करनी है, तो Ola और उबर है। grocery मांगना है तो flipkart, amazon, बिग बास्केट जैसे e-कॉमर्स साइट उपलब्ध है।

ये सारे प्लैटफ़ार्म अपने अपने सैक्टर मै बड़ी अच्छे से काम कर रहे है, और लोंगों को एक अच्छी सुविधा भी प्रदान कर रहे है। लेकिन इस सैक्टर मै जो भी सेल्लर जुड़ा हुवा है, उनसे ये सारी वैबसाइट को 25-30% तक का कमिशन लेता है।

उकसे बाद फ्लिपकार्ट Amazon जैसे वैबसाइट के पास कस्टमर का डाटा उपलब्ध है, और कोनसा प्रॉडक्ट बीक रहा है, कोनसा नहीं, ये उन वैबसाइट को अच्छे तरीकेसे पता है, उसी के हिसाब से ये वैबसाइट अच्छे प्रॉफ़िट बनाने के लिए अपने प्रॉडक्ट को खुद बना रही है।

इन वैबसाइट के हात मै ही रहता है, की कोनसा प्रॉडक्ट को ऊपर दिखाना है, और कोनसे प्रॉडक्ट नहीं। और पहिलेसे जो सेल्लर इस प्लैटफ़ार्म पर जुड़े हुये है, इनके ही प्रॉडक्ट आपको सुरवात मै देखने को मिलंगे, kyouki ये पहिलसे जुड़े होने के कारण इसके पास कस्टमर का डाटा available है, और इनकी रेटिंग बड़े कोंपनी के पास उपलब्ध है।

जो नये सेल्लर इन प्लैटफ़ार्म पर जोड़ते है, एक तो इनन्का प्रॉडक्ट बड़े plaftorm पर बिकता नहीं और बीक भी गया तो  इनको ज्यादा कमिशन देना पड़ता है, जिस वजह से ये अपना प्रॉफ़िट बना नहीं पते।

इस वजह से आज भारत की e-कॉमर्स इंडस्ट्री 1.4% तक ही बड़ी है, जो की चाइना की 52%, यूनाइटेड स्टेट्स की 19%, यूनाइटेड किंगडम 4.8% तक की है। ये सब आपको इस साइट पर देखने को मिलगा।

भारत सरकार ने छोटे व्यापारी जो की ऑनलाइन e-कॉमर्स के साथ जुड़ सके, और इसका हर एक गाव का व्यापारी इससे जुड़े इस पर ध्यान देने सरकार ने नॉन – प्रॉफिटेबल ओएनडीसी की सुरवात की है।

ओएनडीसी कैसे काम करता है। (ONDC kaise kam karata hai hindi )

ओएनडीसी कैसे काम करता है, ये हम बेहतर समजेने के लिए हम, UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के बारे मै जान लेते है, कस्टमर उस अप्प से जुड़ा है या नहीं ये देखते उए भी यूपीआई अप्प हर को पेमेंट को ट्रान्सफर करने को सुविधा देता है। इसी तरह, ओएनडीसी मंच खरीदारों और विक्रेताओं की मेजबानी करने वाले इंटरफेस के बीच मध्यस्थ परत है।

आप जब ऑनलाइन आप मोबाइल खरीदते है तो आप अलग अलग अप्प के जरिये उसे ढूंढते है, जैसे की Amazon, फ्लिपकार्ट और जो अच्छी कीमत देता है, वही से खरीदते है। लेकिन वहा पे आपका टाइम जाता है। ओएनडीसी इन समस्या का समाधान देता है, क्योंकि इसमे एक ही मोबाइल बेचने बाले खूप सारे सेल्लर जोड़ने की अनुमती देता है, और कस्टमर को सब सेल्लर का प्रॉडक्ट भी ओएनडीसी दिखाता है।

ओएनडीसी मे सीधे सेल्लर और कस्टमर के बीच मै कांटैक्ट रहता है, इसका ना कोई अप्प है, या ना कोई वैबसाइट जिसकी वजह से कस्टमर हर तरह के समान, टिकिट बूकिंग। टॅक्सी जैसी सुविधा आने वाले दिन मै ओएनडीसी लाने का प्लान बना रहा है।

ओएनडीसी से किसे फायदा होगा। (ONDC se Kise fayada hoga)

ओएनडीसी मै आपको आने आवे दिन मै हर तरह ही सुविधा देखने को मिलेगी, जिससे कस्टमर को एक ही जगह पे अलग अलग प्रॉडक्ट और उसकी प्राइस और क्वालिटी देख के खरीदने का मौका मिलेगा।

ओएनडीसी ये एक नॉन – प्रॉफिटेबल ऑर्गनाइज़ेशन है, जिसकी वजह से हे सेल्लर से 5% तक का कमिशन लेने का वादा कर कर रही है। जिसकी वजह से इसमे कस्टमर को समान सस्ता और सेल्लर को ज्यादा रिटर्न मिलने का मौका है।

ओएनडीसी पर छोटे से छोटा व्यापारी जोड़के अपना e-कॉमर्स बिज़नस ऑनलाइन लाके बेच सकता है।

जो नए इंफ्लुएंसर है जो घर बैठे अपना सामान ओएनडीसी के जरिये मार्केट मै बेच सकते है।

ओएनडीसी का आने वाले टाइम मै किसान भी अपना सामान ऑनलाइन बेच सकता है, ऐसा कहा जा रहा है।

आनेवाले टाइम पर ओएनडीसी की समस्याएं।

ओएनडीसी पर आज के टाइम पर 40 हजार के नजातिक सेल्लर जुड़े हुये है। और आपको इन सबसे सामान मंगाना है, तो 49 नेटवर्क है जिसमे आप सामान मंगा सकते है। 

लेकिन आपको हर category का सामान ढूँढने के लिए अलग अलग नेटवर्क पर जाना पड़ता है। 

ओएनडीसी पर एक प्रॉडक्ट खराब निकाला तो उसके लिए किसके बात करना, उसको रिटर्न, ऐसे जुड़े सवाल कस्टमर के मन है। 

इसका पोर्टेल डिज़ाइन मै प्रोपर इम्प्रोवेमेंट नहीं है, इसको सुधारने की आवशकयता है। जिससे कस्टमर बेस बना रहे। 

ओएनडीसी कौन चलाता है। (ONDC kaun chalata hai)

ओएनडीसी को अभी Quality Council of India और protean जो एनपीएस को भी चलती है ये दो कंपनी चला रही है। और इसका उपयोग कस्टमर अपने सामान को ऑर्डर करने के लिए IDFC First Bank, Digit, Paytm, Go Frugal, eSamudaay, Seller App, Growth Falcons, Dunzo, Loadshare, Messho, जैसे 49 नेटवर्क इससे जुड़े हुये है। कस्टमर इस वैबसाइट के जरिये ओएनडीसी की सर्विस ले सकते है।

IDFC First bank ये पहिला बैंक है, जो ओएनडीसी से e-कॉमर्स सैक्टर मे जुड़ा हूहा है।

ओएनडीसी की स्थापना किसने की थी।

ओएनडीसी ये एक e-कॉमर्स प्लैटफ़ार्म है किसकी वजह से मिनिस्टरी ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्री के साथ 8 कंपनी ने मिलके इसकी सुरवात 31 दिसम्बर 2022 को की।

सुरवात मै इसमे दो ही कंपनी ने इनवेस्टमेंट की इसमे क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और दूसरी protean eGov Technologies limited।

ONDC: ओएनडीसी क्या है, कैसे काम करता है, इसके फायदे

हमने ओएनडीसी ये एक गवर्नमेंट ध्वारा बनाया गया प्लैटफ़ार्म है, इसके बारे मै आपको पूरी जानकारी देने की कोशिश की है, जो आपको इसके बारे मै पूरा पता हो। ओएनडीसी क्या है, ये किस तरह काम करता है, इसकी विशेषताएँ यादी। 

इसके अलावा आपको और कोई जानकारी की आवश्यकता है तो आप हमे नीचे commend बॉक्स मै आपपुच सकते है, जो हम आपको पूरी जानकारी देने की कोशिश करंगे। धन्यवाद !

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