पासवर्ड मैनेजर क्या होता है, कैसे काम करता है, फायदे और नुकसान

आज के टाइम मै बहुत सारे सोशल मीडिया अकाउंट है, शॉपिंग वैबसाइट, आप जिस कंपनी मै काम करते है, उसकी साइट, गवर्नमेंट साइट इन जगह पर आपको इन साइट का इस्थमाल करने के लिए अकाउंट बनाना पड़ता है। 

अकाउंट बनाने के लिए आपको यूजरनेम और पासवर्ड को क्रिएट करना पड़ता है। ये जीतने भी वैबसाइट है, उनका पासवर्ड और यूजरनेम याद रखना मुश्किल है। उसी टाइम हम एक ही पासवर्ड को रखते है, उन वजह से हमारा अकाउंट हैक हो सकता है। 

पासवर्ड मैनेजर ये जीतने भी पासवर्ड को याद करना पड़ता है, ये इसका सोल्यूशंस है। नीचे हम पासवर्ड मैनेजर क्या होता है,  पासवर्ड मैनेजर कैसे काम करता है, इसके फायदे और नुकसान क्या है, सबसे अच्छा पासवर्ड मैनेजर कोनसा है। इन सबके बारे मै हम डीटेल मै जानकारी लेंगे। 

पासवर्ड मैनेजर क्या होता है

पासवर्ड मैनेजर क्या होता है। (What is a Password Manager)

पासवर्ड मैनेजर ये एक ऐसी टेक्नालजी है, ऑनलाइन यूजर को अपना पासवर्ड बनाने, उसे सेव करने और मैनेज करने मै मदत करता है।

आज बहुत सारी साइट है, जहा पर आपको अकाउंट बनाते वक्त अपना यूजरनेम और पासवर्ड बनाने के लिए कहती है। उसी टाइम आपको एक यूनिक और स्ट्रॉंग पासवर्ड बनाना पड़ता है, और आने वाले दिन मै उस पासवर्ड को याद करना ये भी कठीण काम होता है। उसी टाइम हम लोग एक ही पासवर्ड और यूजर नेम उस वैबसाइट पर डालते है, जोकि बाद मै याद हो।

एक ही पासवर्ड और यूजरनेम डालने से हमारे लिए एक खतरा है, उसी टाइम हमारा अकाउंट को हैक हो सकता है।

उसी टाइम पासवर्ड मैनेजर आपको अपना पासवर्ड बनाने, उसे सुरक्षित रखने, और आपको अलग अलग पासवर्ड याद ना करने मै मदत करता है।

पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करके आप जिस भी साइट पर यूजरनेम और पासवर्ड बनवोगे उसे वो स्टोर करेगा, और बाद मै आप उस साइट पर जावोगे तो आपको, ऑटोमैटिक फ़िल करने मै मदत करेगा।

गूगल पासवर्ड मैनेजर एक गूगल ध्वारा बनाया गया पासवर्ड मैनेजर है। इसे आप मोबाइल और डेस्कटॉप पर क्रोम ब्रौजर का इस्थमाल करते टाइम उपयोग कर सकते है।

पासवर्ड मैनेजर कैसे काम करता है? (How does Password Manager work?)

जैसे ही अपने ऊपर पढ़ा पासवर्ड मैनेजर मे गूगल का एक पासवर्ड मैनेजर है, और इसे हम क्रोम ब्रौजर मै इस्थमाल कर सकते है।

क्रोम ब्रौजर मै पासवर्ड मैनेजर को आपको एक्टिव करने की जरूरत नहीं पड़ती, इसके लिए आपको जीमेल मै लॉगिन करके रखना है। उसके बाद ऑटोमैटिक गूगल का पासवर्ड मैनेजर एक्टिव हो जाता है।

जब आप कोई साइट पर जाते है, जैसे की आप Facebook पर अपना अकाउंट बनाने जा रहे है, उसी टाइम आपको आपका यूजरनेम और पासवर्ड को सेव करना है क्या इसके बारे मै, पूछा जाता है, आप उसे सेव करने की परवानगी देते है।

तो उसके बाद जब भी आप Facebook पर जावोगे उसी टाइम गूगल का पासवर्ड मैनेजर आपकी यूजरनेम और पासवर्ड ऑटोमैटिक भरेगा। आपको यूजरनेम और पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इसके साथ आप और भी कोई साइट पर जाते है, तो सबसे पहिले पासवर्ड को बनाते टाइम स्ट्रॉंग और यूनिक पासवर्ड बनाने के लिए कहेगा और बाद मै उस पासवर्ड को सेव करके रखना है, क्या इसके बारे मै आपको पूछेगा।

पासवर्ड मैनेजर क्या होता है

पासवर्ड मैनेजर आपके परवानगी बीना आपका पासवर्ड ये सेव करके रखेगा नहीं।

पासवर्ड मैनेजर के फायदे (Benifit of Password Manager)

पासवर्ड मैनेजर की मदत से हमको अपने यूजरनेम और पासवर्ड को याद करने की जरूरत नहीं है, इसके बारे मै अपने देखा, इसके साथ आप अलग -अलग और यूनिक पासवर्ड को भी कैसे रख सकते है, पासवर्ड मैनेजर की मदत से इसके बारे मै अपने जानकारी ली।

अभी हम पासवर्ड मैनेजर के फायदे क्या है, इसके बारे मै जान लेते है।

1. पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करके हम एक यूनिक पासवर्ड बना सकते है।

2. पासवर्ड मैनेजर की मदत से हर एक वैबसाइट पर आपको एक ही पासवर्ड बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

3. आप जिस भी वैबसाइट पर लॉगिन करने जावोगे, उसी टाइम आपका पासवर्ड ऑटोमैटिक फ़िल हो जायगा, आपको पासवर्ड को याद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

4. पासवर्ड मैनेजर की मदत से अपने वैबसाइट की सेक्युर्टी बढ़ेगी और आपको कोई भी वैबसाइट पर आसनीसे लॉगिन कर पावोगे।

5. पासवर्ड मैनेजर से आपका टाइम बचेगा, आप पासवर्ड खोनेका डर कम हो जायगा, और आपको बार बार पासवर्ड को रिस्टार्ट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

6. आप जहा पर भी जीमेल से लॉगिन करोगे वह पर आपके सेव किए हुये पासवर्ड मिलेंगे, बस आपको जीमेल का पासवर्ड को याद रखने की जरूरत है।

पासवर्ड मैनेजर के नुकसान (Disadvantages of Password Manager)

पासवर्ड मैनेजर के फायदे किस तरह के है, ये हमने ऊपर देखा। कोई भी चीज के खाली फायदे ही नहीं रहते उसके हमे नुकसान भी देखने को मिलते है।

पासवर्ड मैनेजर के नुकसान क्या है, इसके बारे मै हम जान लेते है।

1. आपका पासवर्ड मैनेजर ही हैक हो गया तो, आपके सभी पासवर्ड और वैबसाइट के लॉगिन के बारे मै जानकारी हैकर के पास चली जाएगी। आज की टाइम मै पासवर्ड मैनेजर के हैक होने के बहुत सारे केसेस देखने को मिले है।

2. पासवर्ड मैनेजर मे आप पासवर्ड डालके लॉगिन करते है, वही पासवर्ड मैनेजर का पासवर्ड खो गए तो, आपका पूरा डाटा खतरे मै पड़ सकता है।

3. सभी वैबसाइट पर लॉगिन करते टाइम आपको पासवर्ड मैनेजर से लॉगिन डीटेल को सेव करने की परवानगी नहीं दी जाती।

4. आप बैंकिंग साइट पर इंटरनेट बैंकिंग का इस्थमाल करते है, उसी टाइम पासवर्ड मैनेजर काम नहीं करता, आपको इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड और यूजरनेम याद करने पड़ते है।

क्या मेरे पास पासवर्ड मैनेजर होना चाहिए?

हा, आपके पास एक पासवर्ड मैनेजर होना चाहिए। पासवर्ड मैनेजर की मदत से आप इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड तो रख नहीं सकते, लेकिन सोशल मीडिया जैसे वैबसाइट के पासवर्ड को आप सेव करके रख सकते है। 

आप अपने ऑफिस के वैबसाइट के पासवर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड, अन्य वैबसाइट है, जिनके हैक होने पर आपकोज्यादा नुकसान नहीं होगा, ऐसे वैबसाइट के पासवर्ड आप पासवर्ड मैनेजर मै स्टोर करके रख सकते है। 

पासवर्ड मैनेजर की आवश्यकता क्यों है?

आज बहुत सारे वैबसाइट है, उनका इस्थमाल करने के लिए आपको एक यूजरनेम और पासवर्ड बनाने की जरूरत पड़ती है, यूसके बाद ही उन वैबसाइट पर आप जा सकते है। 

ऐसे हर एक वैबसाइट का यूजरनेम और पासवर्ड हमको याद कराना मुश्किल है, उसी टाइम हम एक ही यूजरनेम और पासवर्ड को रखते है। जिस वजह से ये यूजरनेम और पासवर्ड किसी को पता चलता है, तो हमारे दूसरे अकाउंट को हैक हो सकता है। 

पासवर्ड मैनेजर ये एक ऐसे टूल है, जो आपको अलग-अलग यूजरनेम और स्ट्रॉंग पासवर्ड बनाने मै मदत करता है, उसके साथ ही आपके पर्मिशन के बाद ही ये आपका यूजरनेम और पासवर्ड को स्टोर करके रखता है। 

बाद मै जब आप उस वैबसाइट पर लॉगिन करने की कोशिश करोगे तो, ऑटोमैटिक आपका यूजरनेम और पासवर्ड को ऑटोमैटिक फ़िल करता है। 

अच्छा पासवर्ड मैनेजर कौन सा होता है?

सबसे अच्छा पासवर्ड के बारे मै बात करे, तो गूगल का अपना एक पासवर्ड मैनेजर है, उसका इस्थमाल आप क्रोम का ब्रौजर इस्थमाल करते टाइम कर सकते है। 

गूगल का पासवर्ड मैनेजर को इस्थमाल करने के लिए आपको जीमेल मै अकाउंट होने की जरूरत है, जब आप क्रोम ब्रौजर का इस्थमाल करते टाइम उसमे जीमेल से लॉगिन करते है, तो उनका पासवर्ड मैनेजर ऑटोमैटिक एक्टिव होता है। आपको उसे खुद एक्टिव करने की जरूरत नहीं है। 

ये पासवर्ड मैनेजर जब आप किसी वैबसाइट पर यूजरनेम और पासवर्ड भरने जावोगे, तो ये आपको सबमिट करते वक्त अपना डाटा सेव करना है, क्या इसके बारे मै पूछता है। 

मार्केट मै दूसरे बहुत ही सारे पासवर्ड मैनेजर है, लेकिन उनपर विश्वास रखना और इस्थमाल करना थोड़ा कठीण हो जाता है। 

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