पीपीएफ और म्यूचुअल फंड (SIP) में कौन सा बेहतर है?

पीपीएफ और म्यूचुअल फंड (SIP) में कौन सा बेहतर है?, पीपीएफ़ मै निवेश करना ये एक सेफ इनवेस्टमेंट मानी जाती है, और ज़्यादातर लोग इनवेस्टमेंट के लिए, टैक्स मै छूट पाने के लिए पीपीएफ़ मै निवेश करते है। आज के टाइम यानी की सेप्टेम्बर 2023 तक पीपीएफ़ के ऊपर 7.1% का ब्याज दर है, और भारत सरकारने 2020 से इसके ऊपर कोई बदलाव किया नहीं है।

इसके साथ ही म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करना मतलब शेयर मार्केट मै पैसे को लगाना जैसे है, इसलिए ज़्यादातर लोग म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करने से पीछे हट जाते है। लेकिन मै आपको बताना चाहता हु की म्यूचुअल फ़ंड मै पिछले 10 साल मै 15% तक के रिटर्न दिये है।

आज हम 360 जानकारी इस साइट के इस आर्टिकल मे पीपीएफ और म्यूचुअल फंड SIP में से कौन सा बेहतर है? इसके बारे मै डीटेल से जान लेंगे।

पीपीएफ और म्यूचुअल फंड (SIP) में कौन सा बेहतर है?

पीपीएफ और म्यूचुअल फंड (SIP) में कौन सा बेहतर है?

पीपीएफ़ यानी की पब्लिक प्रोविडेंट फंड जिसे हम सुरक्षित इनवेस्टमेंट भी कहते है। पीपीएफ़ मै आपको फिक्स रिटर्न दिया जाता है, आज के टाइम मै पीपीएफ़ मै आपको 7.1% का सालाना रिटर्न मिलता है। पीपीएफ़ मे आप एक बार निवेश करना सुरू किया तो आपको 15 साल तक उसमे रहना पड़ता है। 500 से 1.5 लाख तक आप पीपीएफ़ मै निवेश कर सकते है।

म्यूचुअल फ़ंड मै SIP के जरिये निवेश करना इसमे बाजार के हिसाबसे जोखिम रहती है, लंबी अवधी मै म्यूचुअल फ़ंड मै आप निवेश करते है, तो आपको अच्छे रिटर्न मिलते है, पिछले 20 साल का डाटा देखा जाए तो म्यूचुअल फ़ंड ने 12-15% तक के रिटर्न आपको दिये है। म्यूचुअल फ़ंड मै आप कभी भी निवेश कर सकते है, और कभी भी अपने पैसे को निकाल सकते है। जो टैक्स सविंग म्यूचुअल फ़ंड रहते है, उसमे आपको 3 साल तक रहना पड़ता है।

1. सुरक्षित

PPF मै अपने पैसे को निवेश करना ये एक सुरक्षित इनवेस्टमेंट है। पीपीएफ़ को भारत सरकार ध्वारा चलाया जाता है, इसमे जो भी ब्याज मिलता है इसका बुघतान भारत सरकार ध्वारा किया जाता है।

म्यूचुअल फ़ंड मै जब आप SIP करते है, तो इसमे रिस्क मार्केट के हिसाबसे रहती है। जब मार्केट अच्छा रहा तो आपको अच्छे रिटर्न देखने को मिलते है, और मार्केट डाउन रहा तो आपको -ve मै रिटर्न भी देखने को मिलते है।

2. रिटर्न

PPF मै रिटर्न के बारे मै बात करे तो अभी के टाइम मै 7.1% के हिसाबसे भारत सरकार ध्वारा रिटर्न दिये जाते है। हर 3 महीने मै पीपीएफ़ के रिटर्न की समीक्षा करके उसे कम ज्यादा किया जाता है। अप्रैल 2019 मै पीपीएफ़ मै 8% तक के रिटर्न दिये जाते थे।

पीपीएफ़ की सुरवात 1968 मै हुई थी, तबसे कितने रिटर्न दिये जाते थे, और निवेश करने की सीमा क्या थी, या नीचे चार्ट मै आपको दी गई है।

ये जितना भी डाटा लिया है ये Moneycontrol इस साइट से लिया गया है।

Financial Year  इंटरेस्ट रेट (%) निवेश की लिमिट 
1 अप्रैल 1968 से 31 मार्च 1970 4.8 15 हजार
1 अप्रैल 1970 से 31 मार्च 1972 5.0 15 हजार
1 अप्रैल 1972 से 31 मार्च 1973 5.0 20 हजार
1 अप्रैल 1973 से 31 मार्च 1974 5.3 20 हजार
1 अप्रैल 1974 से 31 जुलाई 1974 5.8 20 हजार
1 अगस्त 1974 से 31 मार्च 1977 7.0 20 हजार
1 अप्रैल 1977 से 31 मार्च 1978 7.5 20 हजार
1 अप्रैल 1978 से 31 मार्च 1980 7.5 30 हजार
1 अप्रैल 1980 से 31 मार्च 1981 8 30 हजार
1 अप्रैल 1981 से 31 मार्च 1982 8.5 30 हजार
1 अप्रैल 1982 से 31 मार्च 1983 8.5 40 हजार
1 अप्रैल 1983 से 31 मार्च 1984 9.0 40 हजार
1 अप्रैल 1984 से 31 मार्च 1985 9.5  40 हजार
1 अप्रैल 1985 से 31 मार्च 1986 10 40 हजार
1 अप्रैल 1986 से 31 मार्च 1988 12 40 हजार
1 अप्रैल 1988 से 14 जनवरी 2000 12 60 हजार
15 जनवरी 2000 से 28 Febuary 2001 11 60 हजार
1 मार्च 2001 से 28 Febuary 2002 9.5 60 हजार
1 मार्च 2002 से 31 मार्च 2002 9.0 60 हजार
1 अप्रैल 2002 से 28 Febuary 2003 9.0 70 हजार
1 मार्च 2003 से 31 मार्च 2011 8.0 70 हजार
1 अप्रैल 2011 से 30 नवम्बर 2011 8.0 1 लाख
1 दिसम्बर 2011 से 31 मार्च 2012 8.60 1 लाख
1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 8.80 1 लाख
1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 8.70 1 लाख
1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2016 8.70 1.5 लाख
1 अप्रैल 2016 से 30 सेप्टेम्बर 2016 8.10 1.5 लाख
1 ओक्टोंबर 2016 से 31 मार्च 2017 8.0 1.5 लाख
1 मार्च 2017 से 30 जून 2017 7.9 1.5 लाख
1 जुलाई 2017 से 31 दिसम्बर  2017 7.8 1.5 लाख
1 जनवरी 2018 से 30 सेप्टेम्बर 2018 7.60 1.5 लाख
1 ओक्टोंबर 2018 से 30 जून 2019 8.0 1.5 लाख
1 जुलाई 2019 से 31 मार्च 2020 7.90 1.5 लाख
1 अप्रैल 2020 से 30 सेप्टेम्बर 2023 7.1 1.5 लाख

म्यूचुअल फ़ंड के रिटर्न के बारे मै बात करे तो पिछले 10 साल मै आपको 15% तक के रिटर्न देखने को मिले है। नीचे फोटो मै आपको टॉप 10 म्यूचुअल फ़ंड के रिटर्न दिखाये है। वहा से आप पता कर सकते है, की म्यूचुअल मै SIP करते है, तो आपको कितने रिटर्न मिल सकते है।

3. टैक्स मे छूट

पीपीएफ़ मै आप निवेश करते है, तो आपको 1.5 लाख रूपये तक की छूट 80C के अंदर मै दी जाती है। पीपीएफ़ मै जब आप निवेश करते है, उसके मेचूरिटि के वक्त जितनी भी राशी मिलती है, ये पूरी टैक्स फ्री रहती है यानी की आपको टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ती।

म्यूचुअल फ़ंड मै आप ELSS फ़ंड मै निवेश करते है, तो आपको 80C के तहत 1.5 लाख तक की छूट मिलती है। PPF मै आपको पूरा पैसा टैक्स फ्री मिलता था, लेकिन म्यूचुअल फ़ंड मै आपको LTCG टैक्स देना पड़ता है। जब आप 1 साल के पहिले म्यूचुअल फ़ंड से पैसे को निकालते है, तो आपको 1 लाख के ऊपर के रिटर्न पर 15% का टैक्स देना पड़ता है। और आप 1 साल के बाद म्यूचुअल फ़ंड से पैसे को निकालते है, तो आपको 1 लाख के रिटर्न के ऊपर 10% LTCG टैक्स देना पड़ता है।

4. मैच्योरिटी पीरियड

PPF मै आपको 15 साल तक निवेश करना पड़ता है, यानी की आप 15 साल के पहिले पीपीएफ़ से पैसे को निकाल नहीं सकते।

म्यूचुअल फ़ंड मे आप ELSS फ़ंड मे निवेश करते है, तो आपको 3 साल का लॉक इन पीरियड रहता है, और दूसरे नॉर्मल म्यूचुअल फ़ंड रहते है, उसमे आप कभी भी पैसे को निकाल सकते है।

5. समय से पहले बंद करने का कलावधी

PPF मै आपको 15 साल तक निवेश करने का कालावधी रहता है, इसके पहिले भी आप कुछ पैसे को निकाल सकते है। पीपीएफ़ मे आपको 3 साल से 6 साल के कालावधी के बीच मै लोन ले सकते है। उसके बाद 5 साल के बाद पीपीएफ़ मै से कुछ पैसे को निकाला जा सकता है।

म्यूचुअल फ़ंड मै ELSS फ़ंड मै 3 साल का लॉक इन पीरियड है, इसके अलावा दूसरे म्यूचुअल फ़ंड मै आप कभी भी पैसे को निकाल सकते है।

6. पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन

हर कोई एक्सपेर्ट कहता है की अपना पोर्टफोलियो डायवर्सिफाय होना चाहिए। यानी की आप कुछ पैसे म्यूचुअल फ़ंड, बैंक मे FD, PPF, डेट म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश कर सकते है।

पीपीएफ़ मै और म्यूचुअल फ़ंड थोड़े थोड़े पैसे को एक साथ निवेश किया जा सकता है, ऐसे करने से आप अपना पोर्टफोलियोको डायवर्सिफाय बना सकते है।

7. मेचूरिटि के बाद की रक्कम 

जैसे की अपने ऊपर पढ़ा आज के टाइम मै पीपीएफ़ मै आपको 7.1% का रिटर्न दिया है, और 15 साल के बाद जो भी राशी मिलेगी ये पूरी टैक्स फ्री रहेगी।

लेकिन म्यूचुअल फ़ंड मै आपको टैक्स देना पड़ता है, इसमे आपको लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म ये दोनों टैक्स लगते है।

नीचे हम एक उधारण के साथ समजेंगे की आप 15 साल मै म्यूचुअल फ़ंड मै और पीपीएफ़ मै निवेश करते है तो आपको कितने रिटर्न देखने को मिलते है।

पीपीएफ़ रिटर्न (निवेश राशी 1.5 लाख  हर साल ) म्यूचुअल फ़ंड रिटर्न (1.5 लाख हर साल )
मान लेते है की पीपीएफ़ ने आपको पिछले 15 साल मै 8 % तक के रिटर्न दिये है।

यानी की आप हर साल 1.5 लाख रूपये निवेश करते है, तो आपको 15 साल के बाद 8% के रिटर्न के हिसाबसे आपको 43.98 लाख रूपये तक्ष फ्री मिलते है

रिटर्न के ऊपर पीपीएफ़ मै आपको कुछ तक्ष देने की जरूरत नहीं है।

 

 

 

 

 

पीपीएफ़ मै आपको 15 साल के बाद 43.98 लाख रूपये के रिटर्न मिलेंगे

पिछले डाटा के हिसाबसे म्यूचुअल फ़ंड मे पिछले 15 साल मे 15% के रिटर्न दिये है।

यानी की आप हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करते है, तो आपको 15 साल के बाद 15% के रिटर्न के हिसाबसे 82.07 लाख रूपये रिटर्न देखने को मिलते है।

म्यूचुअल फ़ंड मै 1 लाख के ऊपर के रिटर्न के ऊपर 10% LTCG टैक्स को देना पड़ता है।

यानी की आपने 22.5 लाख रूपये निवेश किया, तो रिटर्न आपको =82.07-22.05

=59.07 – 1.0 लाख =58.07 लाख के ऊपर आपको 10% का टैक्स देना पड़ेगा।

=58.07*0.1 =5.807 रुपये टैक्स देना पड़ेगा

टोटल रिटर्न = 22.50 + 1.0 + (58.07-5.807 )

म्यूचुअल फ़ंड मै 15 साल के बाद रिटर्न आपको 15% के हिसाबसे  75.76 लाख रूपये मिलेंगे

पीपीएफ और म्यूचुअल फंड SIP मै अंतर 

  PPF  म्यूचुअल फ़ंड 
1. पीपीएफ़ मै आपको फिक्स रिटर्न दिये जाते है, अभी के टाइम मै पीपीएफ़ मै 7.1% का रिटर्न मिलता है। म्यूचुअल फ़ंड मै आपको मार्केट के हिसाबसे रिटर्न देखने को मिलते है। पिछले 10 साल मै म्यूचुअल फ़ंड ने 12-15 के रिटर्न दिये है।
2. पीपीएफ़ मै आपको कोई भी रिस्क नहीं रहती आपको भारत सरकार ध्वारा फिक्स रिटर्न दिये जाते है। म्यूचुअल फ़ंड मै रिस्क रहती है, और कोई भी फिक्स रिटर्न नहीं है।
3. पीपीएफ़ मै आपको 15 साल तक निवेश करना पड़ता है म्यूचुअल फ़ंड मै टैक्स सविंग म्यूचुअल फ़ंड मै 3 साल तक रुकना पड़ता है, बाकी म्यूचुअल फ़ंड मै आप कभी भी पैसे को निकाल सकते है।
4. पीपीएफ़ मै अधिकतम 1.5 लाख तक निवेश कर सकते है। म्यूचुअल फ़ंड मै आप कितने भी रूपये निवेश कर सकते है।
5. पीपीएफ़ मै आप 80C के तहत 1.5 लाख की इंकम टैक्स मै छूट ले सकते है। म्यूचुअल फ़ंड मै ELSS म्यूचुअल फ़ंड मै आप 1.5 लाख तक की छूट 80C के तहत इंकम टैक्स मै ले सकते है।
6. पीपीएफ़ मै 15 साल के बाद जीतनी भी राशी मिलती है, ये पूरी टैक्स फ्री रहती है। म्यूचुअल फ़ंड मै आपको 1 लाख के रिटर्न के ऊपर 1 साल के पहिले पैसे निकलते है तो आपको STCG टैक्स 15%, 1 साल के बाद पैसे को निकालते है तो LTCG टैक्स 10% देना पड़ता है।
7. पीपीएफ़ मै आप 5 साल के बाद कुछ पैसे को निकाल सकते है। म्यूचुअल फ़ंड मै आप कभी भी पैसे को निकाल सकते है।

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