RBI Digital Currency: आरबीआई की डिजिटल करेंसी क्या है, कैसे काम करती है, इसके फायदे

RBI Digital Currency: 8 नोव्हेंबर 2016 को जब नोटबंदी हो गई, तो हमारे पास अकाउंट मै पैसे तो थे, लेकिन उसे हम बाहर दुकानदार को देके सामान खरीद नहीं पाते, उसी टाइम खाली पेटीएम था, उसमे भी हमको उसके वैलट मै पैसे रखने पड़ते थे, और कही लोंगों को तो उसे इस्थमाल भी करना नहीं जमता था। 

भारत सरकारने उसी टाइम देखा की लोग छोटा – छोटा सामान ऑनलाइन पैसे देके खरीद नहीं पा रहे थे, उसी को ध्यान मै रखते हुये 11 अप्रैल 2016 को UPI को लॉंच किया गया। 

UPI को लॉंच करने के बाद हम लोग मोबाइल नंबर से तुरंत दूसरे के अकाउंट मै पैसे को भेजते थे, मार्केट से सामान भी खरीद पा रहे है। लेकिन आज यूपीआई से ऑनलाइन फ्रॉड के केसेस बढ़ रहे है, उसे बाद यूपीआई पेमेंट दुकानदार के अकाउंट मै तुरंत जमा नहीं होता, और कही कमिया को देख के आरबीआई ने डिजिटल करेंसी को लॉंच किया। 

हमने RBI Digital Currency: आरबीआई की डिजिटल करेंसी क्या है, ये करेंसी कैसे काम करती है, उसके फायदे और नुकसान क्या है, डिजिटल करेंसी इन इंडिया, आरबीआई न्यू करेंसी, ऐसे बहुत सारे सवालो के जवाब नीचे दिये है। 

आरबीआई की डिजिटल करेंसी क्या है

आरबीआई की डिजिटल करेंसी क्या है (RBI Digital currency kya hai)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी की आरबीआई ने 1 दिसम्बर 2022 से सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) का पायलट प्रोजेक्ट को लॉंच किया गया। डिजिटल रुपया ये टेक्नालजी ब्लॉक चैन पर आधारित है।

डिजिटल करेंसी यानी की e-रुपया जोकि आप उसको डिजिटल के रूप मै अपने अकाउंट मै रख सकते है, ये डिजिटल रुपया आप लेन देन करने, मार्केटिंग के लिए, यादी के लिए इस्थमाल कर सकते है।

जैसे आप यूपीआई से पेमेंट करते है, वैसे ही डिजिटल रुपया से आप पेमेंट कर सकते है, इसके लिए आप अपने e -रुपया वैलट मै डिजिटल रुपया को जमा करके उससे पेमेंट हो जाता है।

इस डिजिटल करेंसी को आप ऑनलाइन सामान खरीदने के लिए, पैसे भेजने के लिए इस्थमाल कर सकते है। 

सेकेंडरी मार्केट मै डिजिटल रुपया को government securities और मार्केट मै transition करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। 

इस डिजिटल रुपया को अपनानेके लिए 9 पब्लिक और प्राइवेट बंकोंको पर्मिशन दी गई है। ये बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ Baroda, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफ़सी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईडीएफ़सी फ़र्स्ट बैंक और लास्ट मै एचएसबीसी बैंक।

डिजिटल करेंसी को इस्थमाल करने के लिए इस बैंक मै अपना अकाउंट होना चाहिए।

आरबीआई ने डिजिटल करेंसी को लीगल टेंडर माना है। यानी की ये करेंसी पूरी तरह सुरक्षित है। 

आरबीआई डिजिटल करेंसी कहा मिलेगी। (RBI digital currency kaha milagee)

डिजिटल रुपया ये एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप मै इसकी सुरवात की है। इस प्रोजेक्ट को तो चरणो मै लॉंच किया जायगा पहिले चरण मै उसे मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर और दूसरे चरण मै अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला इस सिटि मै लॉंच किया जायगा।

डिजिटल करेंसी लेने के लिए आरबीआई ने 9 बंकों को मुंजूरी दी है, इसमे बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ Baroda, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफ़सी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईडीएफ़सी फ़र्स्ट बैंक और लास्ट मै एचएसबीसी बैंक शामिल है।

ये डिजिटल करेंसी ऊपर दी गई बैंक से लेने के लिए उस बैंक मै अपना अकाउंट होना जरूरी है।

ये 9 बंकों के एप्लिकेशन को आप अपने मोबाइल मै download करके इसे e-रुपया के जरिये अपने पास रख सकते है।

आरबीआई डिजिटल रुपया कैसे काम करता है। (RBI digital currency kaise kam karatee hai)

आरबीआई ने 1 दिसम्बर 2022 से सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप मै लॉंच किया, और इस पायलट प्रोजेक्ट मै उन्होने दो फेज मै काही शहरो और बंकों को डिजिटल रुपया यूस करने की परवानगी दी।

जिस बैंक को आरबीआई ने मंजूरी दी है, उस बैंक का आप डिजिटल रुपया वाला एप्लिकेशन download करके, वहा से डिजिटल रुपया का नोट खरीद सकते है, और ये उस बैंक के वैलट मै रख सकते है। लेकिन आपको इस बैंक मै अपना अकाउंट होना जरूरी है।

ये डिजिटल रुपया आप 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500, 2000 के रूप मै आप ले सकते है, और कोइन के रूप मै आप 0.5 पैसे और 1 रुपया ले सकते है। इसके लिए आपको बॅक को यूपीआई पेमेंट या जिस बैंक से लिंक किया है उससे डाइरैक्टपेमेंट करके ले सकते है।

आरबीआई की डिजिटल करेंसी क्या है

आप जो भी डिजिटल रुपया से ट्रैनजिशन करते है, ये रियल टाइम ट्रैनजिशन को माना जायगा।

आप यूपीआई और दूसरे पेमेंट ऑप्शन से मार्केट मै पेमेंट करते है, उसे रियल टाइम ट्रैनजिशन नहीं माना जाता है, आप तो इमिडियट दुकानदार को पेमेंट करते है, लेकिन वो पेमेंट दुकानदार के अकाउंट मै तुरंत नहीं जाता, इसलिए बैंक एक दिन या एक हफ्ता का भी वक्त लेता है।

लेकिन डिजिटल रुपया मै आप जिस टाइम दुकानदार को पेमेंट करते है, उस टाइम इमिडियट बैंक और दुकानदार के बीच मै भी ट्रैनजिशन होता है।

आप दुकानदार को पेमेंट करते है, तो यो पेमेंट दुकानदार के वैलट मै जमा होता है, उसके बाद यो कभी भी रेडीम कर सकता है, रेडीम करने के बाद तुरंत दुकानदार के बैंक अकाउंट मै पैसे जमा होते है।

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) ये एक रियल टाइम करेंसी है, जोकि एक ब्लॉक चैन पर कम करती है। और दो पार्टी के बीच मै जो ट्रैनजिशन होते है, उसे इमिडियट सेट्टेल करने का कम करती है।

आरबीआई डिजिटल करेंसी कितने प्रकार की है। 

डिजिटल रुपया को दो टाइप मै लॉंच किया है, पहिला हम जैसे लोग इस्थमाल कर सकते है, उसे रीटेल ओर जनरल कटेगेरी बोलते है, और दूसरा व्होलसेल पर्पस।

1. जनरल / रीटेल purpose

जनरल या रीटेल इस करेंसी को हम हर दिन के समान खरीदने के लिए इस्थमाल कर सकते है। एक दूसरे को आप पैसे को ट्रान्सफर करने के लिए हम जनरल करेंसी का इस्थमाल कर सकते है।

2. व्होलसेल पर्पस

होलेसल पर्पस मै एक बैंक से दूसरे बैंक को डिजिटल करेंसी को ट्रान्सफर करना इसे हम व्होलेसल पर्पस कहते है, उसके बाद बैंक अपना CLR, SLR मैंटेन करने के लिए करेंसी को ट्रान्सफर कर सकते है, कही दूसरे बैंक मै।

डिजिटल करेंसी की जरूरत क्यो पड़ी। 

1. जब आपके पास e-रुपया के तहत आपके बैंक के वैलट मै पैसा रहता है, तो वो पैसा फट नहीं सकता, उसे कोई चुरा नहीं सकता, और कही खो नहीं सकता।

2. आरबीआई हर साल हजारो करोड़ रुपये नोट छापने मै लगाता है, डिजिटल करेंसी आने की वजह से उसे कम किया जायगा। 

3. यूपीआई के तहत कही बैंक आपको एक टाइम पे 2000 से ज्यादा पैसे को भेजने नहीं देती, डिजिटल रुपया ये आपके लिए आसान कर देगा।

4. हम मार्केट मै दुकानदार को यूपीआई से पेमेंट करते है, लेकिन दुकानदार के अकाउंट मै ये पैसा तुरंत जमा नहीं होता, बैंक इसके लिए एक दिन का समय लेती है। 

5. जब आपका पैसे किसी बैंक हो और यो बैंक डूब गया तो आपको 5 लाख रुपया तक का पैसा CBDC के तहत मिलेगा, उसके बाद जितना भी ज्यादा पैसा रहेगा ये डूब सकता है, लेकिन डिजिटल करेंसी आपको आरबीआई के तहत इशू होती, ये कभी डूबती नहीं।

6. आप किसी से चेक से पेमेंट देते है, तो ये पेमेंट उसके अकाउंट मै आने के लिए कम से कम 3 दिन का समय लग सकता है, लेकिन डिजिटल करेंसी से आप ऑनलाइन तुरंत पैसे भेज सकते है। 

7. ऑनलाइन फ्रॉड करके कोई डिजिटल करेंसी चुराता है, तो उसे ट्रक करना आसान है। 

आरबीआई डिजिटल करेंसी का क्या फायदा है। 

आरबीआई ने ऑनलाइन पैसे को ट्रान्सफर करना और ही आसान हो इसलिए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के ध्वारा e-रुपया को लॉंच किया, इस रुपया लॉंच होने के बाद हमको इसके क्या फायदे है, ये जान लेते है।

1. आरबीआई को 2016-17 मै नोट प्रिंट करने का खर्चा 3420 करोड़ रुपया आया था, 2017-18 मै ये खर्चा 7965 करोड़ रुपया हो गया था, डिजिटल करेंसी से हर साल नोट खराब होनी की वजह से नोट को प्रिंटिंग करने मै जितना खर्चा होता है, इसे कम किया जा सकता है।

2. डिजिटल करेंसी पेपर करेंसी से से अच्छी है, क्योंकि उसे ट्रक करने मै आसानी होगी, जिस वजह से ब्लॅक मनी, टैक्स पर कंट्रोल करना सरकार को अच्छा हो सकता है।

3. यूपीआई से जब आप दुकानदार को पेमेंट करते थे, तो ये पेमेंट आपके अकाउंट से तो तुरंत कटता तो था, लेकिन उसके अकाउंट मै आने के लिए टाइम लगता था। बैंक पेमेंट को सैटल करने मै एक दिन या हफ्ते भर का टाइम लेती है। डिजिटल करेंसी से इस टाइम को कम किया जायगा।

4. डिजिटल करेंसी को आप e-रुपया के माध्यम के रूप मै लिया जाता है, इससे चोरी होने का दर नहीं।

5. डिजिटल करेंसी लाने की वजह से जाली या नकली नोटो पर लगाम मिलेगा।

6.  जैसे बिटकॉइन या दूसरे करेंसी की वैल्यू कम जादा होती है, आरबीआई की डिजिटल करेंसी की वैल्यू फिक्स है और यो बदलेगी नहीं।

7. आरबीआई ने डिजिटल करेंसी को लीगल टेंडर माना है। जिस वजह से ये करेंसी पूरी तरह से सुरक्षित है।

8. भारत सरकार गवर्नमेंट स्कीम लाती रहती है, जो गवर्नमेंट स्कीम का पैसे लोगो को मिलने वाला है, यो आरबीआई की तरफ से e-रुपया के माध्यम से डाइरैक्ट उनके अकाउंट मै जा सकता है। इसलिए बीच मै बचोलिए की जरूरत नहीं पड़ेगी।

9. जो लोग करेंसी पर लिख कर उसे खराब कर रहा है, उससे करेंसी खराब होती है, और बाद मै आरबीआई को नई नोटो की छपवाई करनी पड़ती थी। डिजिटल करेंसी की वजह से ये कम हो जायगा।

10. जो लोक भारत के बाहर काम कर रहे है, उसे भारत मै पैसे भेजने के लिए बैंक 5-10% तक का कमिशन लेती है, उसके बाद Doller का रुपया कन्वर्ट करने का एक्स्ट्रा पैसा देना पड़ता है। डिजिटल रुपया से आपको 5-10% तक कमिशन बैंक को देना नहीं पड़ेगा। सिर्फ आपको doller से रुपया का कन्वर्शन चार्ज देना पड़ेगा।

डिजिटल करेंसी के नुकसान क्या है। 

कोनसी भी अच्छी से अच्छी चीज लाने दो, उसके हमे फायदे और नुकसान दोनों देखने को मिलते है, जैसे सिक्के के दो पहिलु होते है।

1. भारत मै अभी भी पूरे लोक पढे लिखे नहीं है, जिस वजह से हर एक आदमी को डिजिटल करेंसी अपने अकाउंट मे लेना, बाद मै उसे दूसरे को भेजना अभी के टाइम असंभव है।

2. आज बहुत सारे लोग ऑनलाइन फ्रॉड करने के नए नये तकनीक अपना रहे है, डिजिटल करेंसी के आने बाद ऑनलाइन फ्रॉड के केसेस बढ़ जाएंगे।

3. जब कोई बड़ी नैसर्गिक आपत्ती आती है, और उसके बाद लाइट का प्रोब्लेम होगा तो मोबाइल मै चार्जिंग नहीं हो होगा, तो ऑनलाइन पैसे को भेजना मुश्किल है, उसी समय डिजिटल करेंसी का फायदा नहीं होगा।

4. डिजिटल करेंसी आपके वैलट मै, आप कितना भी रक सकते है, उसे ऑनलाइन तुरंत ट्रान्सफर कर सकते, इसके साथ कोई फ्रॉड हो गया तो उसे ट्रक कर सकते है। लेकिन जब आप अपने वैलट मै जो पैसे रखते है उसपर आरबीआई और बैंक इंटरेस्ट रेट नहीं देती।

डिजिटल रुपया पर बैंक ब्याज देती है क्या। 

डिजिटल करेंसी यानी की आरबीआई ध्वारा लॉंच किया हुआ e-रुपया के ऊपर ब्याज मिलता है क्या, ऐसा सवाल आपके मन मै आता होगा। आप जो e-रुपया खरीदते है, ये आप आरबीआई के जरिये खरीदते है, उसे आरबीआई इशू करता है, इसके लिए आप पेमेंट अपने बैंक से कराते है, और इशू होने के बाद ये अपने वैलट मै रखते है।

लेकिन बैंक आपको डिजिटल रुपया पर ब्याज नहीं देती। 

जब आपकेपास किसने डिजिटल रुपया के जरिये पेमेंट किया, और उस रुपया को आप अपने बैंक अकाउंट मै रीडेम कराते है, उसके बाद बैंक आपको उसपर ब्याज देना सुरू करती है।

जब आप यूपीआई के जरिये पेमेंट करते है तो ये अपने डाइरैक्ट बैंक से ही पेमेंट की लेन देन होती है, इसलिए उसपर ब्याज दिया जाता है, लेकिन डिजिटल करेंसी पर ब्याज नहीं दिया जाता।

डिजिटल करेंसी कब से लागू होगा।

1 दिसम्बर 2022 से आरबीआई ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप मै लॉंच किया है, इस प्रोजेक्ट को अब तक दो फेज मै लॉंच किया जा चुका है, इसके लिए भारत के 9 बंकों को और कही मैन सिटि को इसमे मै पायलट प्रोजेक्ट के रूप मै शामिल किया जा चुका है।

आरबीआई पायलट प्रोजेक्ट मै देख लेगी की इसपर और क्या कम करना चाहिए, या नहीं। एक बार पायलट प्रोजेक्ट की ठीक चलने लगेगा उसके बाद धीरे धीरे और भी दूसरे सिटि मै लॉंच किया जायगा। उसी तरह ये डिजिटल करेंसी पूरे देश मै लागू होगी।

डिजिटल करेंसी का इस्थमाल कैसे करे। 

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDT) ने डिजिटल करेंसी को अपनाने के लिए अबतक 9 बंकों को परवानगी दी गई है, ये बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ Baroda, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफ़सी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईडीएफ़सी फ़र्स्ट बैंक और लास्ट मै एचएसबीसी बैंक।

डिजिटल करेंसी लेने के लिए इस बैंक मै अपना बैंक अकाउंट होना चाहिए, बैंक अकाउंट होने के बाद प्ले स्टोर से इन बैंक के डिजिटल करेंसी के एप्लिकेशन को download करना होगा। Download होने के बाद उसे आप KYC करके सुरू कर सकते है।

उस एप्लिकेशन मै आपको 0.5 पैसे और 1 रुपया का कोइन और 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200,500, और 2000 रुपये के नोट दिख जायगे। उसे आप स्क्रोल करके जीतने पैसे और नोट चाहिए उसे आप अपने वैलट मै डाइरैक्ट बैंक या यूपीआई के जरिये पेमेंट करके एड़ कर सकते है।

जब आप मार्केट मै कोई भी समान खरीदने जायोगे तो आप डाइरैक्ट दुकानदार को अपने वैलट से पैसे दे सकते है, उसके पास भी डिजिटल रुपया लेने की सुविधा होनी चाहिए।

डिजिटल करेंसी और UPI के बीच मै अंतर 

डिजिटल करेंसी को आरबीआई ध्वारा इशू किया जाता है, और ये सीधा आपके बैंक के वैलट मै नोटो की तरह रहता है, जैसे अपने पास पॉकेट मै कॅश रहता है। लेकिन आप यूपीआई का इस्थमाल करते है, ये आप डाइरैक्ट आपके बैंक अकाउंट मै पैसे पड़े हुये पैसे से पेमेंट करते है।

e-रुपया के जरिये आप जब पेमेंट करते है, तो यो पेमेंट दुकानदार के पास तुरंत जमा होता है। लेकिन यूपीआई के जरिये पेमेंट करने के बाद दुकानदार को तुरंत उनके अकाउंट मै पैसे जमा नहीं होती, बैंक पेमेंट जमा करने मै एक दिन का समय लेती है, और उसके बाद एक साथ पूरे पैसे दुकानदार को मिलते है।

e-रुपया के जरिये आप अपने कितने भी पैसे को तुरंत ट्रान्सफर किया जाता है। यूपीआई मै आप एक साथ बड़ी अमौंट मै पैसे को ट्रान्सफर नहीं कर सकते।

UPI के जरिये आज फ्रॉड के केसेस बहुत बढ़ गये और उसके बाद ये पैसा वापस भी मिलता नहीं, लेकिन आपके डिजिटल करेंसी के साथ फ्रॉड हो गया तो उसे ट्रक किया जा सकता है, और ये पैसा अभी के टाइम किसके पास है उसे पता किया जा सकता है।

CBDC क्या है। 

CBDC यानी की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी है, जिसे आरबीआई ने 1 दिसम्बर 2022 से सुरू किया था। यानी सीबीडीसी ये एक डिजिटल करेंसी है। 

डिजिटल करेंसी क्रिप्टोकरन्सी के बराबर होगी क्या। 

भारतील डिजिटल करेंसी क्रिप्टोकरन्सी के बराबर बिलकुल भी नहीं होगी, क्योंकि भारतील डिजिटल करेंसी को लीगल टेंडर माना गया है, और उसे सीबीडीसी के तहत कंट्रोल किया जायगा। 

क्रिप्टोकरन्सी जो होती है बिटकोइन जैसे उसकी कीमत कम जादा होती है, क्योंकि ये ट्रेडिंग के लिए इसे इस्थमाल किया जाता है। उस तरह आरबीआई डिजिटल करेंसी ये फिक्स है, और ये एक सुरक्षित करेंसी माना गया है। 

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