SIP Kya hai in hindi | एसआईपी (SIP) के बारे मै जानकारी

आज अपने देश मै हर एक नागरिक को रिटायरमेंट, एजुकेशन की, शादी की टेंशन रहती है। और उसको जो पेमेंट मिलता है वह बहुत ही कम मिलता है, और उस पेमेंट मै वो अपनी जरूरत को पूरा नहीं कर पाता। 

तो उसी समय आप अपने पैसे को सही तरह से इन्वेस्ट करते है, तो आपको आगे आने वाले टाइम मै मुसीबत का सामना करना नहीं पड़ेगा। इसके के लिए आपको एसआईपी वो एक सबसे बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है। एसआईपी मै इन्वेस्ट करना मतलब म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करना है। 

एसआईपी मै आप 100 से सुरवात कर सकते है, और आने वाले टाइम पे आपको लाखो रुपये तक पा सकते है। एसआईपी मै आपको फिक्स रिटर्न नहीं मिलता और फिक्स रिटर्न न मिलने की वजह से बहुत सारे लोग इसमे इन्वेस्ट करने से डर जाते है। और वो LIC जैसे स्कीम मै अपनी पूरी कमाई निवेश करते है। और उनको 20-25 साल के बाद बहुत ही कम पैसे मिलता है। वो अपनी जरूरत को पूरा ही नहीं कर पाते। 

कुछ लोग फ़िक्स्ड रिटर्न के चक्कर मै अपना पैसा बैंक मै FD करके रखते है। तो उनको ही अपने गोल के हिसाबसे पैसे नहीं मिल पाते, तो उसी टाइम आपको एसआईपी मै निवेश करना ये एक सबसे बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है। नीचे हमने एसआईपी के बारे मै डीटेल मै जानकारी दी है (SIP Kya hai in hindi ), वह जानकारी पढ़के आप एसआईपी मै इन्वेस्ट करना है या नहीं ये डिसाइड कर सकते है। 

SIP Kya hai in hindi

 

एसआईपी (SIP) के बारे मै जानकारी | SIP kya hai in hindi (SIP ke bare mai Janakari in Hindi )

एसआईपी यांनी की, स्यस्टेमतिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी की आप हर महीने एक लहान अमौंट के जरिये इनवेस्टमेंट कर सकते है। एसआईपी मै आप हर महीने या लमसम के जरिये इन्वेस्ट कर सकते है। एसआईपी मै आप 100 रुपये से सुरवात कर सकते है और 25 से 30 साल मै आप लाखो रुपये रिटर्न पा सकते है।

एसआईपी मै आप दो तरीकेसे आपने पैसे को इन्वेस्ट कर सकते है, एक ब्रोकर के जरिये और दूसरा डाइरैक्ट आप AMC के जरिये इन्वेस्ट कर सकते है। एसआईपी मै डाइरैक्ट इन्वेस्ट करने से आपको ब्रोकर के पैसे बच जाते है।

SIP Kya hai in hindi

ऊपर आपको फोटो मै एक 100 रुपये पर महीने इन्वेस्ट करने के बाद 30 साल के बाद कितना रिटर्न मिलता है, इसके बारे मै बताया है। यदि आप हर महीने 5000 रुपये एसआईपी मै इन्वेस्ट करते है तो आपको 30 साल के बाद 3 करोड़ रुपये तक मिल सकते है।

एसआईपी ये आपको रिटायरमेंट के लिए इन्वेस्ट करने के लिए एक सबसे बेतरीन ऑप्शन माना जाता है। यदि आप लंबे समय तक एसआईपी मै इन्वेस्ट करते है तो आपको रिस्क जेरो हो जाता है।

SIP Kya hai in hindi

एसआईपी मै आप 1-2 साल के लिए इन्वेस्ट नहीं कर सकते इसमै आपको रिटर्न माइनस मै दिख सकते है। यदि आपकी उम्र 25-30 साल तक है और आपको कम पेमेंट मिलता है तो आप 5000 रुपए हर महीने एसआईपी के जरिये इन्वेस्ट कर सकते है।

एसआईपी कैसे कम करता है ( SIP kaise kam karata hai in Hindi)

एसआईपी मै जब भी आप पैसे इन्वेस्ट करने के बाद ये पैसे AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) यानी म्यूचुअल फ़ंड जैसे की SBI Mutual Fund के पास जाता है। सुरवात मै आपको AUM से एक फोलियो नंबर मिलता है। उसके बाद AUM आपको इन्वेस्ट किए हुये पैसे के यूनिट देती है, उसको आप NAV (नेट एसेट वैल्यू ) बोल सकते है।

एसआईपी में रिस्क क्या है। (SIP mai risk kya hai)

म्यूचुअल फ़ंड मै एसआईपी मै अलग तरह के रिस्क देखने मिलते है। इसमे आप कोनसे म्यूचुअल फ़ंड मै इन्वेस्ट करते है, इसपर आपका रिस्क डिपेंट रहता है। म्यूचुअल फ़ंड मै आप कम समय पर निवेश करने पर आपका रिस्क बढ़ता, यदि आप लंबे समय तक म्यूचुअल फ़ंड मै एसआईपी करते है, तो आपका रिस्क ना के बराबर और कम होता है।

म्यूचुअल फ़ंड मै आपको दूसरा रिस्क आपको देखने को मिलता है, आप कोनसे AUM यानी म्यूचुअल फ़ंड के पास इन्वेस्ट कर रहे है। आज भारत मै बहुत सारे म्यूचुअल फ़ंड उपलब्ध है। आप एक अछे म्यूचुअल फ़ंड मै अपनी एसआईपी करते है जैसे की SBI, Nippon, TATA, ICICI, etc। तो आपका रिस्क कम होता है।

एसआईपी मै आप बड़े तौर पर एक लमसम पैसे डाल ते है, और उसके बाद काही करनवर्ष मार्केट एकदम से गिरता है तो आपका पैसे कम होता है ये पैसे 50% तक कम होता है। इसी डर से आप अपना पैसे निकलते है। तो एसिलिए एसआईपी मै बड़े तौर पर एक लमसम पैसे डालना ये एक रिस्क बनाता है।

आप म्यूचुअल फ़ंड मै एक या दो साल के लिए अपना टार्गेट बनाने के लिए पैसे डालता है, तो ये एक आप बड़ा रिस्क म्यूचुअल फ़ंड मै उठाते है। कभी भी एसआईपी करते टाइम आप 5 साल से कम समय तक करनी नहीं चाहिए।

एसआईपी के फायदे (SIP ke fayade)

एसआईपी करने के बहुत सारे फायदे है। जैसे की आपने सुरवात मै पढ़ा की, आप लंबे समय तक इसमे इन्वेस्ट करते है तो आपको एक अच्छा रिटर्न मिलता है।

कम रिस्क : एसआईपी करते टाइम आप हर महीने एक अमौंट निवेश करते है। तो आपको कही बार मार्केट हाइ लेवेल पर रहता है, तो कही बार मार्केट लो लेवेल पर रहता है। तो उसी वक्त आपकी रिस्क कम होती है। और आपका पैसा बढ़ाने का चान्स बदता है। 

कंपाउंडिंग का फायदा: म्यूचुअल फ़ंड आप हर महीने 5000 रुपये निवेश करते है तो आपका पैसे दस साल मै 6 लाख रुपये जमा हो है, और उसपे आपको रिटर्न 12% के हिसाब से 5.5 लाख रुपये मिलता है यानी आपका पैसे दस साल मै 11.5 लाख रुपये होता है।

वही आप पैसे 20 साल तक बिना निवेश किए ऐसे ही रखते है तो आपको कंपाउंडिंग के हिसाब से रिटर्न मिलता है यानी ही 11.5 लाख से आपको 12% रिटर्न मिलता है। इस तरह आपको कंपाउंडिंग का फायदा एसआईपी मै मिलता है।

डाइरैक्ट बैंक अकाउंट से पैसे कटता है: आपको एसआईपी मै इन्वेस्ट करने के लिए जो एप्लिकेशन आप इस्तेमाल कर रहे है उसके वैलट मै पैसे जमा करने नहीं पड़ते। आपका पैसे डिरेक्ट बैंक अकाउंट से कटता है।

एसआईपी मै बेहतर रिटर्न: एसआईपी मै आपको लंबे समय के बाद बेहतर रिटर्न मिलते है। आपको 12% से 15% तक के रिटर्न एसआईपी मै देखने को मिले तो आप एक 10-15 हजार हर महीने सिप मै निवेश करते है तो आपको 30 साल के बाद कम से कम 5 करोड़ रुपये तक के रिटर्न देखने मिल सकते है। तो आप sip calculator का इस्तेमाल कर के देख सकते है।

SIP Kya hai in hindi

रिटायरमेंट के टाइम फायदा: ऊपर आपको एक फोटो मै दिखाया है की आप 15 हजार एसआईपी मै निवेश करते है, तो आपको किस तरह 5 करोड़ रुपये बन सकते, तो आप इसी तरह 15 हजार ही निवेश करते है तो आपको अलग से रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग करने की जरूरत नहीं है।

एसआईपी के नुकसान (SIP ke Nukasan)

एसआईपी मै आपको मार्केट के हिसाब से रिटर्न मिलते है। इंडियन स्टॉक मार्केट बहुत ही volatile रहता है, तो इसिलिए एसआईपी मै आपको रिटर्न कम जादा दिख सकते है। उसके बाद आपको Expense Ratio का नुकसान, एक्ज़िट लोड का नुकसान, लॉक इन पीरियड का नुकसान ये आपको एसआईपी मै देखने को मिलता है।

एमर्जन्सि फ़ंड: आपको एमर्जन्सि मै पैसे की जरूरत है तो आपको एसआईपी मै पैसे निकालना बहुत मुश्किल है। उसी टाइम मार्केट डाउन होगा तो आपके रिटर्न कम दिख सकते है तो आपको पैसे निकालना आपके लिए लॉस बन जाता है।

फ़िक्स्ड रिटर्न: जैसे की आप अपना पैसे LIC जैसे स्कीम मै डालते है तो आपको फिक्स रिटर्न देखने को मिल सकते है। लेकिन एसआईपी मै आपको कोई फिक्स रिटर्न देखने को नहीं मिल सकता।

महंगाई हा नुकसान: आज आपको 1 लाख की उतनी वैल्यू है उतनी वैल्यू आपको 30साल मै नहीं मिलनी वाली। तो एसआईपी मै इन्वेस्ट करते टाइम आप महंगाई रेट को ध्यान मै रखते हुए निवेश नहीं किया तो आपको जो रिटर्न मिलेगा उसका कम फायदा दिख सकता है। 

सिप मै इन्वेस्ट कैसे करे। एसआईपी कैसे शुरू करें? (SIP mai invest kaise kare in hindi)

एसआईपी मै इन्वेस्ट करने के दो तरीके है, एक आप ब्रोकर के जरिये अपने पैसे को एसआईपी मै इन्वेस्ट कर सकते है, और दूसरे आप डाइरैक्ट डेमेट अकाउंट के जरिये म्यूचुअल फ़ंड मै एसआईपी कर सकते है।

जब आप ब्रोकर के पास से निवेश करते है तो वो ब्रोकर आपसे कोई पैसे नहीं लेता, लेकिन आपको वो ब्रोकर रेगुलर प्लान देता है उसमे expense ratio ज्यादा रहता है। तो इसी वजह से आपको रेगुलर प्लान मै कम रिटर्न देखने को मिल सकते है। 

एसआईपी मै दो तरीके के प्लान होते है एक डाइरैक्ट और दूसरा रेगुलर। डाइरैक्ट प्लान मै expense ratio कम रहता है, kyuki उसमे आपको ब्रोकर को भी पैसे देने की जरूरत नहीं है। लेकिन आपको डाइरैक्ट प्लान खरीदने की लिए एक एप्लिकेशन चाहिए। और इन फ्युचर मै आपको ये एप्लिकेशन आपसे कोई charges भी ले सकते है। 

SIP Kya hai in hindi

आपको डाइरैक्ट प्लान खरीदने के लिए अलग अलग तरीके के डेमेट अकाउंट है उससे आप म्यूचुअल फ़ंड मै एसआईपी कर सकते है, जैसे की Groww, Zerodha, upstock, paytm, ET Money, etc ये एप्लिकेशन अभी के टाइम म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करने के लिए कोई पैसे नहीं लेते लेकिन बाद मै ये पैसे ले सकते है।

सबसे बेहतरीन म्यूचुअल फ़ंड मै डाइरैक्ट प्लान खरीदने का ऑप्शन है mf central की वैबसाइट या एप्लिकेशन, ये एक पूरा फ्री है, और अपने जो भी म्यूचुअल फ़ंड डेमेट अकाउंट के जरिये खरीद लिए है, ये वैबसाइट मै आपको दिख जायंगे। और मैन बात ये है की आपका डेमेट अकाउंट बंद हो गया तो mf central के जरिये आप अपनी एसआईपी को सुरू रख सकते है।

एसआईपी के लिए डाक्यूमेंट्स (Documents for SIP in Hindi)

अपने अभी एसआईपी क्या है और उसमे आपको किस तरीकेसे निवेश करना चाहिए इसके बारे मै जानकारी ली है। अभी आपको म्यूचुअल फ़ंड मै एसआईपी सुरू करने के लिए कोनसे डॉकयुमेंट लगते है इसके बारे मै जान लेते है।

एसआईपी सुरू करने के लिए आपको आपका आधार कार्ड को मोबाइल नंबरसे लिंक होना चाहिए।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक अकाउंट
  • चेक बूक

एसआईपी मै एनएवी क्या है ?(NAV in Hindi)

NAV का अर्थ है नेट एसेट वैल्यू। जब कोई पैसे म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करते है तो ये पैसा NAV के वैल्यू के जरिये आपको रिटर्न मिलते है। जिस टाइम आप सिप मै पैसे डालते है उस टाइम एनएवी का क्या वैल्यू क्या है उसिके हिसाब से आपको यूनिट मिलते है।

आप 1000 रुपए किसी म्यूचुअल फ़ंड मै डालते है, और उस म्यूचुअल फ़ंड का NAV रेट 50 रुपये है तो आपको (1000/50) 20 यूनिट मिलता है। सुरवात मै म्यूचुअल फ़ंड 10 रुपए का NAV से अपना म्यूचुअल फ़ंड सुरू करते है और बाद मै उसकी वैल्यू मार्केट के रिटर्न के हिसाब से बढ़ती रहती है।

एसआईपी में कितना रिटर्न मिलता है (SIP mai kitana return milata hai)

एसआईपी मै आपको अलग अलग कटेगेरी के म्यूचुअल फ़ंड उपलब्ध है, इसमे Large Cap, Mid Cap, Small Cap, Flexi Cap, etc। यदि आप small cap मै आपके पैसे को 15-20 साल तक निवेश कराते है तो आपको बेहतरीन रिटर्न देखने को मिलते है।

SIP Kya hai in hindi

ऊपर आपको फोटो मै Small Cap म्यूचुअल फ़ंड के पिछले 10 साल के रिटर्न दिखाये है। तो आप को इसमे 20% के रिटर्न इस कटेगेरी मै मिले है। यही आपको Mid cap फ़ंड ने 18%, Large Cap ने 13% और flexi cap फ़ंड ने आपको 15% के रिटर्न दिये है।

तो उसी के हिसाब से आपण अपने पैसे को सही तरीकेसे सिप मै निवेश कर सकते है।

सबसे अच्छा एसआईपी कौन सा है। 

आपको कोनसी अवधी के लिए म्यूचुअल फ़ंड मै सिप करनी है उसी हिसाब से एक अच्छा सिप ढूंढ सकते है। आपको Small Cap म्यूचुअल फ़ंड के पिछले 10 साल के रिटर्न दिखाये है। तो आप को इसमे 20% के रिटर्न इस कटेगेरी मै मिले है। यही आपको Mid cap फ़ंड ने 18%, Large Cap ने 13% और flexi cap फ़ंड ने आपको 15% के रिटर्न दिये है।

आप लंबी अवधी के लिए निवेश कराते है तो आपको small cap मै ज्यादा से ज्यादा पैसा निवेश करना चाहिए। लेकिन आप अपना कुढ़ का डिसिशन लेले मेरी आपको निवेश करने की कोई सलाह नहीं है।

एसआईपी कैलकुलेटर इन हिंदी

सिप मै निवेश करने और आपको कीस प्रकार और कितने पैसे सिप मै निवेश करने है इसके लिए आपको सिप कैलकुलेटर का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए मैंने नीचे लिंक भी दिया है। और आप डाइरैक्ट गूगल पे SIP Calculator लिख सकते है।

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