PPF vs SIP vs NPS में क्या फरक है।

PPF vs SIP vs NPS में क्या फरक है, आज के टाइम मै मार्केट मै अपने पैसे को निवेश करने के बहुत सारे ऑप्शन है। जीमसे आप अपने पैसे को निवेश करते है। 

PPF मै जब आप निवेश करते है, तो आपको एक फिक्स रिटर्न टैक्स फ्री मिलता है। वही आप SIP या NPS मै अपने पैसे को निवेश करते है, तो आपको फिक्स रिटर्न नहीं मिलते। मार्केट के हिसाबसे हमे इसमे रिटर्न देखने को मिलते है। 

आज हम PPF vs SIP vs NPS में क्या फरक है। इसके बारे मै डीटेल मै जानकारी लेंगे। 

PPF vs SIP vs NPS में क्या फरक है

PPF vs SIP vs NPS में क्या फरक है।

PPF यानी की पब्लिक प्रोविडेंट फ़ंड इसकी सुरवात करीबन 1968 मे हुयी थी। पीपीएफ़ मै आपको आज के टाइम हर साल मै 500 से 1.5 लाख रूपये तक जमा कर सकते है, और आज के टाइम इसके ऊपर 7.1% का इंटरेस्ट रेट मिलता है। PPF मै निवेश की गई राशी को हम इंकम टैक्स 80C के तहत छूट ले सकते है। PPF मै आपको 15 साल तक निवेश करना पड़ता है, 15 साल के बाद जितनी भी राशी मिलेगी ये पूरी टैक्स फ्री रहेगी। 

SIP यानी की Systematic इनवेस्टमेंट प्लान यानी की आप एक टाइम या हर महीने इसमे निवेश कर सकते है। म्यूचुअल फ़ंड मै आपको निवेश करने की कोई सीमा नहीं है, आप कितनी भी राशी इसमे निवेश कर सकते है। ELSS म्यूचुअल फ़ंड मै आप निवेश करते है, तो आपको इंकम टैक्स के तहत 80C मे 1.5 लाख की छूट मिलती है। म्यूचुअल फ़ंड मै आप SIP करते है, तो आपको मार्केट के हिसाबसे रिटर्न देखने को मिलते है। 

NPS यानी की नेशनल पेंशन स्कीम इसे भारत सरकार ध्वारा चलाया जाता है। NPS मै आपको निवेश करने की सीमा कम से कम 1000 रुपये है, मैक्सिमम आप कितना भी कर सकते है। आपकी उम्र 60 साल तक NPS से आप पैसे निकाल नहीं सकते। जब आप NPS से पैसे को निकालते है, तो आपको कम से कम 40% रक्कम का एक पेंशन प्लान लेना पड़ता है। 

1. सुरक्षित

PPF मै आप जितनी भी राशी निवेश करते है, ये पूरी सुरक्षित है। PPF मै गवर्नमेंट के ध्वारा फिक्स रिटर्न दिया जाता है। जितना भी रिटर्न मिलता है, उसे भारत सरकार ध्वारा दिया जाता है। 

SIP मै आप निवेश करते है, तो आपको मार्केट के हिसाबसे रिटर्न देखने को मिलते है। आपको आने वाले 5 साल मै कितने रिटर्न मिलेंगे ये फिक्स बताया नहीं जा सकता। जो लोग रिस्क नहीं लेना चाहते उनके लिए म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करना सुरक्षित नहीं है। 

NPS के बारे मै बात करे तो, NPS मै भी आपका 50-75% तक का पैसा मार्केट मै लगाया जाता है, इसिलिए इसमे भी आपको फिक्स रिटर्न देखने को नहीं मिलते। 25-50% पैसे गवर्नमेंट सेक्यूरिटीस, बॉन्ड मै लगाया जाता है। इसलिए NPS मे भी निवेश करना सुरक्षित नहीं माना जाता। 

2. रिटर्न

PPF मै आपको आजके टाइम पर 7.1% के रिटर्न मिलेते है। जब इसकी सुरवात हुयी थी, उसी टाइम 4.8% के रिटर्न दिये जाते थे। 1988-2000 के बीच मै PPF मै 12% के रिटर्न मिले है, लेकिन गवर्नमेंट ने उसे कम करके 7.1% तक लाया है। अप्रैल 2020 से PPF मै 7.1% ही रिटर्न रहे है, और गवर्नमेंट के ध्वारा इसमे कोई बदलाव नहीं किया है। 

म्यूचुअल फ़ंड मै आप SIP करते है, तो आपको मार्केट के हिसाबसे रिटर्न मिलते है, लेकिन पीछले 15 सालो मै म्यूचुअल फ़ंड ने 15% तक के रिटर्न दिये है। जब आप लॉन्ग टर्म मै म्यूचुअल फ़ंड मै SIP करते है, तो आपका रिस्क कम होता है और रिटर्न ज्यादा मिलते है। 

PPF vs SIP vs NPS में क्या फरक है

NPS की रिटर्न की बात करे तो इसमे भी कोई फिक्स रिटर्न नहीं है। लेकिन NPS ने अब तक 12% के ऊपर रिटर्न दिये नहीं है। 

3. टैक्स मै छूट

जब आप PPF मै निवेश करते है, तो आपको 80C के तहत 1.5लाख की छूट मिलती है, उसके बाद PPF मै जितनी भी रिटर्न की राशी मिलती है, ये पूरी टैक्स फ्री रहती है। 

म्यूचुअल फ़ंड मै आप ELSS फ़ंड मै निवेश करते है, तो आपको 80C के तहत 1.5 लाख की छूट मिलती है। जब आप म्यूचुअल फ़ंड से 1 साल के पहिले पैसे को निकालते है, तो आपको STCG टैक्स 15% 1 लाख के ऊपर के रिटर्न पर देना पड़ता है। और जब आप 1 साल के बाद म्यूचुअल फ़ंड से पैसे को निकालते है, तो आपको 10% LTCG टैक्स 1 लाख के ऊपर के रिटर्न पर देना पड़ता है। 

NPS मै आप निवेश करते है, तो आपको 80C के तहत 1.5 लाख की छूट और 80CCD(1B) के उंडर मै 50 हजार यानी की टोटल आप NPS मै 2 लाख की छूट ले सकते है। जब आपका प्लान mature होता है तो आपको 60% की राशी मिलती है, और 40% का एक पेंशन प्लान लेना पड़ता है, इन दोनों के ऊपर आपको कोई टैक्स देना नहीं पड़ता। लेकिन जब आप पेंशन लेना सुरू करते है, तो आपको टैक्स स्लैब रेट के हिसाबसे पेंशन के ऊपर टैक्स देना पड़ता है। 

4. मैच्योरिटी पीरियड

PPF मै आपको 15 साल तक निवेश करना पड़ता है, आप कई एमर्जन्सि के अलावा पीपीएफ़ मै पैसा निकाल नहीं सकते। 

म्यूचुअल फ़ंड मै आप ELSS फ़ंड मै पैसे डालते है, तो आपको 3 साल तक रुकना पड़ता है, इसके अलावा दूसरे म्यूचुअल फ़ंड मै से आप कभी भी पैसे को निकाल सकते है। 

NPS मै आपको आपकी उम्र के 60 साल तक रुकना पड़ता है, कई एमर्जन्सि के अलावा एनपीएस मै पैसे को निकाल नहीं सकते। 

5. समय से पहिले बंद करने का कलावधी

PPF मै 15 साल तक रुकने का टाइम है, लेकिन 5 साल के बाद PPF मै कुछ पैसे को निकाला जा सकता है। 

म्यूचुअल फ़ंड मे निवेश करते है, तो ELSS म्यूचुअल फ़ंड मै खाली आपको 3 साल तक रुकना पड़ता है, इसके अलावा अन्य फ़ंड से आप कभी भी अपने पैसे को निकाल सकते है। 

NPS मै आप को अपना अकाउंट को बंद करना है, तो 10 साल के बाद उसे आप बंद कर सकते है। लेकिन आपको 80% राशी का एक पेंशन प्लान लेना पड़ता है। NPS मै आप स्पेशल एमर्जन्सि केस मै 3 बार NPS से 25% तक के पैसे को निकाल सकते है। इसमे आपको बच्चे की पढ़ाई, शादी, कोई मेडिकल ट्रीटमंट इन केस मै निकाल सकते है। NPS अकाउंट मै 3 बार पैसे निकालने के लिए बीच मै 5 साल का गैप होना जरूरी है।  

6. पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन

आपका पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन होना बहुत ही जरूरी है। हमने आपको ऊपर PPF, SIP, NPS इन स्कीम मै क्या फरक है, इसके बारे मै बताया। लेकिन आप इस सब मे निवेश करते है, तो आपका पोर्टफोलियो डायवर्सिफाय हो जाता है। 

इसिलिए मै कहता हु की आप हर एक स्कीम मै, निवेश करने के बारे मै सोचे। 

7. मैच्योरिटी के बाद की रक्कम 

हमने ऊपर PPF, NPS और SIP मै क्या फरक है, इसके बारे मै पढ़ा। मान लेते है, की आपकी उम्र अभी 45 साल है, और 60 साल तक आप तीनों फंड मै निवेश करते है। तो कितना रिटर्न मिलता है। 

PPF  SIP  NPS
PPF ने पिछले 15 साल मै एव्रेज 8% का रिटर्न दिया है। 

आप हर साल पीपीएफ़ मै 1.5 लाख रुपये निवेश करते है, तो आपको 43.98 लाख रुपये मिलते है। 

म्यूचुअल फ़ंड नै SIP के जरिये निवेश करने पर पिछले 15 साल मै 15% का रिटर्न दिया है। 

आप हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करते है, तो आपको 80.07 लाख रुपये रिटर्न मिलते 

NPS ने पीछले 15 साल मै 11% के हिसाबसे रिटर्न दिये है। 

आप हर साल NPS मै 1.5 लाख रुपये निवेश करते है, तो आपको 60% रिटर्न राशी 34.41 लाख मिलेगी और हर महीने 11 हजार रूपये की पेंशन। 

PPF मै जितना भी पैसे मिलता है, ये पूरा टैक्स फ्री रहता है, इसिलिए आपको PPF के रिटर्न के ऊपर zero टैक्स देना पड़ेगा।  म्यूचुअल फ़ंड मै 1 लाख के ऊपर के रिटर्न के ऊपर 10% LTCG टैक्स को देना पड़ता है।

यानी की आपने 22.5 लाख रूपये निवेश किया, तो रिटर्न आपको =82.07-22.05

=59.07 – 1.0 लाख =58.07 लाख के ऊपर आपको 10% का टैक्स देना पड़ेगा।

=58.07*0.1

=5.807  लाख रुपये टैक्स देना पड़ेगा

NPS मै जीतने भी राशी रिटर्न के तहत मिलती है, ये पूरी टैक्स फ्री रहती है। 
PPF मै हमे 15 साल के बाद 43.98 लाख रूपये रिटर्न मिला। म्यूचुअल फ़ंड मै हमे 75.76 लाख रूपये रिटर्न मै मिला।  NPS मै हमे 34.41 लाख रूपये रिटर्न मै और 11 हजार की हर महीने पेंशन रिटर्न मै मिली। 

PPF vs SIP vs NPS फरक 

ऊपर हमने PPF, SIP, NPS के बारे मै डीटेल मै क्या फरक है, इसके बारे मै देखा। नीचे हमने एक टेबल मै इसके बारे मै शॉर्ट मै और डीटेल मै बताया है। 

PPF  SIP  NPS 
1.  रिटर्न के बारे मै बात करे तो PPF मै आपको फिक्स रिटर्न मिलते है, अभी के टाइम मै पीपीएफ़ मै 7.1% का रिटर्न मिलता है।  म्यूचुअल फ़ंड मै कोई फिक्स रिटर्न नहीं है। मार्केट के हिसाबसे रिटर्न मिलते है।  NPS मै भी कोई फिक्स रिटर्न नहीं है मार्केट के हिसाबसे NPS मै रिटर्न मिलते है। 
2.  PPF मै निवेश करते है, तो कोई रिस्क नहीं है।  म्यूचुअल फ़ंड मै निवेश करने पर रिस्क रहती है।  NPS मै निवेश करने पर रिस्क रहती है। 
3.  PPF मै आपको 15 साल तक पैसे को निवेश करना पड़ता है।  म्यूचुअल फ़ंड मै ELSS म्यूचुअल फ़ंड छोड़के आप कभी भी पैसे को निकाल सकते है।  NPS मै आपको आपकी उम्र के 60 साल होने तक निवेश करना पड़ता है। 
4.  PPF मै आप 1.5 लाख के ऊपर निवेश नहीं कर सकते।  म्यूचुअल फ़ंड मै आप कितनी भी राशी निवेश कर सकते है।  NPS मै निवेश करने की कोई सीमा नहीं है। 
5.  PPF मै आप निवेश करते है, तो आप इंकम टैक्स मै 80C के तहत 1.5 लाख की छूट ले सकते है।  ELSS म्यूचुअल फ़ंड मै आप निवेश करते है, तो आपको 80C के तहत 1.5 लाख की छूट ले सकते है। इसमे आपका लोक इन 3 साल का रहता है।   NPS मै आप 80C के तहत 1.5 लाख और 80CCD(1B) के अंदर 50 हजार यानी की कुल 2 लाख की छूट ले सकते है। 
6.  PPF मै 15 साल के बाद जितनी भी राशी मिलती है, ये पूरी टैक्स फ्री रहती है।  म्यूचुअल फ़ंड मै आपको 1 लाख के रिटर्न के ऊपर STCG और LTCG टैक्स देना पड़ता है।  NPS मै आपको रिटर्न के ऊपर कोई टैक्स देना नहीं पड़ता। 
7.  PPF आप 5 साल के बाद कुछ पैसे को निकाल सकते है।  म्यूचुअल फ़ंड मै आप कभी भी अपने पैसे को निकाल सकते है।  NPS मै आप एमर्जन्सि केस मै 3 साल के बाद 25% की राशी को निकाल सकते है। 
8.  PPF मै पेंशन की सुविधा नहीं है।  म्यूचुअल फ़ंड मै आप निवेश किए हुये पैसे को SWP (Systematic withdraw plan) को सुरू करके हर महीने एक फिक्स रक्कम ले सकते है। NPS मै आपको 60 की उम्र होने के बाद 40% रक्कम की पेंशन प्लान लेना पड़ता है। 
9.  PPF मै 15 साल के बाद 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।  म्यूचुअल फ़ंड मै आप कितने दिन के लिए भी पैसे को रख सकते है।  NPS मै आप 60 साल होने के बाद 70 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। 
10 PPF मै आपको पूरी राशी मिलती है।  म्यूचुअल फ़ंड से आप पूरे पैसे को निकाल सकते है।  NPS मै आप को 60% तक की राशी मिलती है। 

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